केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के झारखंड दौरे से एक दिन पहले कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बुधवार 7 अक्टूबर को नेपाल हाउस में विभाग की केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा की. बैठक में योजनाओं की प्रगति, उनके काम और किसानों व अन्य लाभुकों तक पहुंच की जानकारी ली गई.
बैठक में यह भी देखा गया कि योजनाओं के लिए मिली राशि का कितना और किस तरह इस्तेमाल हुआ है. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के काम में बेवजह देरी न हो और स्वीकृत राशि का समय पर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए.
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने योजनाओं को जमीन पर लागू करने में आ रही परेशानियों और व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी दी. इन समस्याओं और उनके समाधान से जुड़े सुझावों को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने रखा जाएगा. साथ ही झारखंड की जरूरत और यहां की स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र से सहयोग और प्रक्रियाओं को आसान करने की मांग भी की जाएगी.
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकारी योजनाओं का असली फायदा तभी है, जब उनका लाभ समय पर किसानों, पशुपालकों और दूसरे लाभुकों तक पहुंचे. इसलिए योजनाओं को लागू करने में आ रही दिक्कतों को दूर करना जरूरी है.
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, रेनफेड एरिया डेवलपमेंट, सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी, एग्रो फॉरेस्ट्री, कृषि उन्नति योजना, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेलहन मिशन, सीड्स एंड प्लांटिंग मटेरियल, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन समेत कई योजनाओं की समीक्षा की गई.
मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता और पारदर्शिता पर भी ध्यान देने को कहा. उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि किसानों और ग्रामीण लोगों तक पहुंचे.

बैठक में विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दीक़, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, कृषि निदेशक विद्यानंद पंकज, निदेशक उद्यान, निदेशक पशुपालन, निदेशक गव्य, निदेशक भूमि संरक्षण, निदेशक समेति समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
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