Hazaribagh : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन हजारीबाग और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की पहल से जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएँ न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति दे रही हैं।
कटकमदाग प्रखंड की पुष्पा टोप्पो, कल्याणी सखी मंडल की सक्रिय सदस्य, ने जेएसएलपीएस से ₹3 लाख का ऋण लेकर होटल व्यवसाय शुरू किया और बकरी पालन से सालाना लगभग ₹8 लाख की आय अर्जित की। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और वे आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
इसी तरह, कंचनपुर की नीतू देवी, विकास महिला संघ की सदस्य, ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सब्जी उत्पादन, पॉली नर्सरी और बकरी पालन के जरिए आर्थिक स्थिति में सुधार किया। उन्होंने अब तक लगभग 2 लाख पौधों की नर्सरी तैयार कर किसान दीदियों को वितरित की और ₹3.15 लाख का लाभ कमाया।
इसके अलावा, जिला प्रशासन और राज्य मधुमक्खी विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में मधुमक्खी पालन योजना के तहत जिले के पांच प्रखंडों के 24 दीदियों को प्रशिक्षण और प्रति लाभुक 20 मधुमक्खी बॉक्स सहित आवश्यक किट उपलब्ध कराई। कुल 480 बॉक्स वितरित किए गए, जिससे महिलाओं का आत्मनिर्भर बनने का मनोबल बढ़ा है।
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, प्रशिक्षण, आसान ऋण और सतत मार्गदर्शन के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
हजारीबाग जिले की महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों में सफलता प्राप्त कर महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में प्रेरणा दे रही हैं।


