Ranchi : झारखंड में पारा मेडिकल कर्मियों की बहाली प्रक्रिया रद्द होने से स्वास्थ्य विभाग में गंभीर स्थिति बन गई है। पहले से ही फार्मासिस्ट और अन्य तकनीकी स्टाफ की कमी झेल रहे सरकारी अस्पतालों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। वहीं, हजारों अभ्यर्थियों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता खड़ी हो गई है।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने वर्ष 2023 के अंत में 2532 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। इसमें फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे तकनीशियन और परिचारिका ग्रेड-ए जैसे पद शामिल थे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी में जुटे थे, लेकिन विभागीय स्तर पर पदों की अधियाचना वापस लिए जाने के कारण इस भर्ती को रद्द कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि अब तक नई बहाली को लेकर कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।
अस्पतालों में स्टाफ की कमी से बढ़ी परेशानी
राज्य के जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में फार्मासिस्ट और अन्य पारा मेडिकल स्टाफ के कई पद खाली पड़े हैं। इसका असर दवा वितरण, जांच और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। नियमित नियुक्ति नहीं होने से मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
अभ्यर्थियों में नाराजगी, लंबे इंतजार के बाद झटका
भर्ती रद्द होने से हजारों अभ्यर्थी निराश और असमंजस में हैं। कई युवा पिछले 3-4 वर्षों से इस बहाली का इंतजार कर रहे थे। आवेदन के बाद भी परीक्षा नहीं हो सकी और अब पूरी प्रक्रिया रद्द होने से उन्हें फिर से नई भर्ती का इंतजार करना पड़ेगा। अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताई है और जल्द नई बहाली प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
फिलहाल सरकार की ओर से नई भर्ती को लेकर कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थायी नियुक्तियां कब तक होंगी। जब तक नई प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों दोनों पर पड़ता रहेगा।
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