जोहार लाइव ब्यूरो
राजधानी रांची के अशोक नगर रोड नंबर-1 में रहने वाले पांच परिवारों ने एक IPS अधिकारी पर कथित तौर पर रास्ता बंद करने, धमकी देने और परिवार के सदस्यों को परेशान करने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर पत्रकार सैयद शरीफ इब्राहिम ने झारखंड के मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है. शिकायत पर मुख्यमंत्री सचिवालय की मुहर भी लगी है.
शिकायत में कहा गया है कि परिवार ने करीब पांच दशक पहले जमीन खरीदी थी. इसके बाद परिवार के सदस्यों ने वहां अपने-अपने मकान बनाए. शिकायतकर्ता के मुताबिक, स्वीकृत नक्शे और दस्तावेजों में अशोक नगर सोसाइटी की ओर से 40 फीट की अप्रोच रोड का उल्लेख है, जिसका इस्तेमाल परिवार कई दशकों से अपने घर तक पहुंचने के लिए करता रहा है.
IPS अधिकारी के पड़ोस में आने के बाद विवाद का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि हाल में IPS अधिकारी आलोक प्रियदर्शी उनके परिसर से सटी संपत्ति में रहने आए. इसके बाद परिवार को मौजूदा रास्ते के इस्तेमाल को लेकर कथित तौर पर परेशानी और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि परिवार के गेट को बंद करने और अशोक नगर की ओर से आने-जाने का रास्ता रोकने की बात कही गई. साथ ही शिकायतकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं, को कथित तौर पर झूठे मामलों में जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. धार्मिक पहचान को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी का भी आरोप
शिकायत में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि परिवार की धार्मिक पहचान को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई. शिकायतकर्ता ने एक कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए लिखा है, “हिन्दू कॉलोनी में मुस्लिम का एंट्री कैसे होगा?”
इसके अलावा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ मौकों पर कथित तौर पर बॉडीगार्ड्स के जरिए परिवार को डराने की कोशिश की गई और उन्हें गोली मारने की धमकी भी दी गई.
CM से दस्तावेजों की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उन्होंने जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेज, स्वीकृत नक्शे और रास्ते से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने का अनुरोध किया है. शिकायत में कहा गया है कि यदि लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाए. परिवार ने जांच में पूरा सहयोग करने और अपने पास मौजूद सभी दस्तावेज व साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है.
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संपत्ति तक उनके कानूनी आवागमन के अधिकार को बनाए रखने और भविष्य में किसी तरह की कथित धमकी, उत्पीड़न या अप्रिय घटना को रोकने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है.
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