जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. यूसमर्ग के कोराग इलाके में मंगलवार रात शुरू हुए एनकाउंटर में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर फौजी मूसा को मार गिराया गया है. सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मूसा पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा का वांटेड आतंकी था और जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी वारदातों में उसकी तलाश थी.
भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने आतंकियों की मौजूदगी की विशेष खुफिया सूचना मिलने के बाद बडगाम के यूसमर्ग के कोराग इलाके में संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. सेना के चिनार कॉर्प्स के मुताबिक तलाशी के दौरान जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को चुनौती दी, जिसके बाद आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया. सेना ने इस अभियान को ऑपरेशन कोराग नाम दिया है.
डुडपथरी के जंगल में हुई मुठभेड़
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मुठभेड़ यूसमर्ग के ऊंचाई वाले जंगलों से लेकर डुडपथरी के दुर्गम इलाके तक चली. इसी दौरान फौजी मूसा को मार गिराया गया. तलाशी अभियान के दौरान आतंकी का शव बरामद किया गया. सेना के ऑपरेशन की जानकारी के मुताबिक इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी था.
फौजी मूसा इससे पहले भी सुरक्षाबलों के निशाने पर था. अधिकारियों के मुताबिक सितंबर की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई एक मुठभेड़ के दौरान वह सुरक्षाबलों को चकमा देकर निकल गया था. उस ऑपरेशन में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था. इसके बाद से सुरक्षाबल मूसा की तलाश में जुटे थे.
कई हमलों में तलाश थी
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक मूसा लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और उसके खिलाफ कई आतंकी वारदातों में शामिल होने के आरोप थे. अधिकारियों ने उसे पीर पंजाल के दोनों तरफ सक्रिय लश्कर नेटवर्क से जोड़कर बताया है. उसकी मौत को जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर नेटवर्क के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है.
सेना ने अभी इस अभियान के दौरान सिर्फ एक आतंकी के मारे जाने की पुष्टि की है. इलाके में तलाशी अभियान जारी है. इसलिए अन्य आतंकियों के मारे जाने या उनके भाग निकलने को लेकर अभी कोई अंतिम दावा नहीं किया गया है.

