Patna : पटना की राजनीति में बीती देर रात उस वक्त जबरदस्त हलचल मच गई, जब पटना पुलिस पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को गिरफ्तार करने उनके आवास पहुंच गई। पूरी रात हाईवोल्टेज ड्रामा चला, समर्थक भड़के, नोकझोंक हुई और आखिरकार करीब 3 घंटे बाद पुलिस पप्पू यादव को अपने साथ ले गई।
इलाके में मचा हड़कंप
शुक्रवार रात करीब 12 बजे पटना पुलिस की एक बड़ी टीम पप्पू यादव के मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची। टीम में सिटी एसपी, पांच डीएसपी, छह थानेदार समेत करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस के पहुंचते ही आवास और आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। उस वक्त पप्पू यादव घर के सबसे ऊपरी फ्लोर पर मौजूद थे। अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस को देखकर वे भी हैरान रह गए और अधिकारियों से पूछने लगे कि इतनी रात में आने की क्या वजह है।
पटना: 35 साल पुराने केस में सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार. पटना पुलिस ने की कार्रवाई.#BreakingNews #pappuyadav #BiharPolitics #BiharPolice #PatnaPolice pic.twitter.com/utk4KQP5eX
— Prabhat Khabar (@prabhatkhabar) February 6, 2026
गिरफ्तारी को लेकर तीखी बहस, समर्थक भी पहुंचे
पुलिस ने पप्पू यादव से कहा कि कोर्ट का आदेश है और उन्हें साथ चलना होगा। इस पर पप्पू यादव ने साफ कहा कि वे रात में कहीं नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुबह बुलाइए, तब कोर्ट चले जाएंगे। इसी बात को लेकर पुलिस और पप्पू यादव के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इसी दौरान खबर फैलते ही पप्पू यादव के समर्थक भी उनके घर के बाहर जुटने लगे। हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई।
बेहोश हुए पप्पू यादव, समर्थक भड़के
करीब तीन घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर बाहर ले जा रही थी, तभी पप्पू यादव बेहोश हो गए। यह देखते ही समर्थक भड़क गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ समर्थक तो पुलिस की गाड़ी पर ही चढ़ गए।
हालांकि हालात को संभालते हुए पुलिस उन्हें लेकर वहां से निकल गई।
“मुझे मारने की साजिश है” – पप्पू यादव
गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि यह सब उनकी हत्या की साजिश है। उन्होंने कहा कि सिविल ड्रेस में देर रात पुलिस का आना संदिग्ध है और उन्हें गोली मारी जा सकती है। पप्पू यादव का कहना था कि पुलिस के पास कोई वारंट नहीं दिखाया गया और वे रात में पुलिस के साथ नहीं जाएंगे।
IGIMS में हुआ मेडिकल चेकअप
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को देर रात इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (IGIMS) लाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप कराया गया। इसके बाद उन्हें पुलिस कस्टडी में रखा गया। शनिवार सुबह उन्हें स्ट्रेचर पर PMCH लाया गया है। संभावना है कि आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस का पक्ष : कोर्ट का आदेश था
पटना सिटी एसपी वेस्ट भानु प्रताप सिंह ने मीडिया को बताया कि यह मामला साल 1995 का है। कोर्ट में ट्रायल चल रहा था, लेकिन पप्पू यादव तय तारीख पर पेश नहीं हो रहे थे। इसी वजह से विशेष अदालत ने गिरफ्तारी का आदेश दिया था। एसपी ने साफ कहा कि पुलिस ने कानून के तहत ही कार्रवाई की है।
31 साल पुराना क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 1995 का है। गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि पप्पू यादव और उनके साथियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया और यह बात छिपाई कि वहां सांसद का कार्यालय चलाया जाएगा। इस मामले में IPC की कई धाराओं के तहत केस दर्ज है और लंबे समय से यह कोर्ट में लंबित था।
फेसबुक पोस्ट में बिहार पुलिस पर साधा निशाना
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने फेसबुक पर पोस्ट कर बिहार पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि वे NEET छात्रा को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे थे, इसी वजह से पुलिस को परेशानी हो गई। उन्होंने साफ कहा कि चाहे जेल भेजो या फांसी दो, वे रुकने वाले नहीं हैं।
NEET छात्रा मामले में सरकार को घेर रहे थे पप्पू यादव
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में पप्पू यादव पटना में NEET छात्रा की मौत को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर थे। उन्होंने ऑडियो क्लिप जारी किए, प्रदर्शन किए और बड़े आरोप लगाए थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को लेकर सियासी हलकों में भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
Also Read : झारखंड में फिर बढ़ी ठंड, रांची समेत कई जिलों में पारा लुढ़का


