New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोमनाथ मंदिर पर पहले हमले के एक हजार साल पूरे होने पर एक ब्लॉग लिखा। इसमें उन्होंने सोमनाथ मंदिर के टूटने और फिर से बनने की कहानी का जिक्र किया और कहा कि ‘सोमनाथ’ शब्द सुनते ही गर्व की भावना दिल और दिमाग में जाग जाती है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सोमनाथ मंदिर को पहली बार लगभग 1000 साल पहले 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी ने तोड़ा था। इसके बावजूद मंदिर हर बार नए सिरे से बनकर खड़ा हुआ। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर की कहानी तबाही की नहीं, बल्कि भारत माता के करोड़ों बच्चों की हिम्मत और जुझारूपन की पहचान है।
जय सोमनाथ!
वर्ष 2026 में आस्था की हमारी तीर्थस्थली सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। बार-बार हुए हमलों के बावजूद हमारा सोमनाथ मंदिर आज भी अडिग खड़ा है! सोमनाथ दरअसल भारत माता की उन करोड़ों वीर संतानों के स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा है,…
— Narendra Modi (@narendramodi) January 5, 2026
प्रधानमंत्री ने ब्लॉग में बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने 13 नवंबर 1947 को मंदिर के दोबारा निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी और 1951 में मंदिर भक्तों के लिए तैयार हुआ। हालांकि उस समय के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू मंदिर के उद्घाटन में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के शामिल होने का विरोध कर रहे थे, लेकिन 11 मई 1951 को मंदिर के दरवाजे भक्तों के लिए खुल गए।
पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महमूद गजनवी ने 1026 में मंदिर पर हमला किया, करीब 50,000 रक्षकों ने अपनी जान गंवाई, और मंदिर लूटा गया। इसके बाद 13वीं से 18वीं सदी के बीच मंदिर बार-बार तोड़ा गया। अलाउद्दीन खिलजी, मुजफ्फर खान, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब जैसे हमलावरों ने इसे नुकसान पहुंचाया। 1783 में रानी अहिल्याबाई होल्कर ने पास में नया मंदिर बनवाया।
प्रधानमंत्री ने 1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद की सोमनाथ यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मंदिर भारत के इतिहास और संस्कृति की जिंदा कहानी बताते हैं। उन्होंने लिखा कि सोमनाथ मंदिर हमेशा मजबूती और उम्मीद का प्रतीक रहा है, जिसने बार-बार तबाही झेली लेकिन हर बार मजबूत होकर खड़ा हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर सोमनाथ, जिस पर 1000 साल पहले हमला हुआ था, बार-बार उठ सकता है, तो भारत भी अपनी गौरवशाली स्थिति वापस पा सकता है। उन्होंने लिखा कि ‘श्री सोमनाथ महादेव के आशीर्वाद से, हम एक विकसित भारत बनाने के नए इरादे के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जहाँ हमारी सभ्यता पूरी दुनिया की भलाई के लिए रास्ता दिखाती है।’


