धनबाद: झारखंड अलग राज्य आंदोलन और इसके पुनर्गठन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर ‘झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा’ ने सक्रियता बढ़ा दी है। मोर्चा की स्थानीय इकाई ने आज धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपकर राज्य के उन नायकों के प्रति प्रशासन की उदासीनता की ओर ध्यान आकर्षित किया। मोर्चा के केंद्रीय प्रधान सचिव पुष्कर महतो के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 2 दिसंबर 2025 को 38वीं संपुष्टि सूची जारी की गई थी, जिसमें कुल 304 चिन्हित आंदोलनकारियों के नाम शामिल थे।
यह सूची जिला कार्यालय को सौंपे हुए चार महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशस्ति-पत्र वितरण को लेकर कोई भी सम्मान शिविर आयोजित नहीं किया गया है। ज्ञापन में इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया गया कि सूची में शामिल कई आंदोलनकारी वर्तमान में वृद्धावस्था और गंभीर शारीरिक बीमारियों से जूझ रहे हैं। मोर्चा ने प्रशासन की इस सुस्त कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आंदोलनकारियों की दयनीय स्थिति को देखते हुए प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर सम्मान शिविर का आयोजन करना चाहिए था, ताकि समय रहते इन संघर्षशील योद्धाओं का सम्मान हो सके।

मुलाकात के दौरान धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की मांगों को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने मामले के महत्व को समझते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन इस पर त्वरित संज्ञान लेगा और जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई करते हुए सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन अब बिना किसी और देरी के आंदोलनकारियों को उनका उचित सम्मान प्रदान करेगा।
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