New Delhi : प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) 2025-26 के लिए पीएफ (Provident Fund) पर मिलने वाली ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया में जुट गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, PF की ब्याज दर में कटौती की संभावना है, जो सब्सक्राइबर के लिए झटका साबित हो सकती है।
PF ब्याज दर कितनी हो सकती है?
सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की 239वीं बैठक में मार्च के पहले सप्ताह में 2025-26 के लिए ब्याज दर का एलान किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इसे 8-8.20% के बीच रखा जा सकता है, जबकि पिछले वर्ष (2024-25) यह 8.25% थी।
क्यों हो सकती है कटौती?
एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत EPFO में ज्यादा लोगों के शामिल होने से, ब्याज दर को थोड़ा कम रखा जा सकता है ताकि EPFO के पास न्यूनतम बफर बना रहे और फंड पर दबाव न पड़े।
मंजूरी और प्रक्रिया
CBT से मंजूरी मिलने के बाद, ब्याज दर को वित्त मंत्रालय द्वारा फाइनल मंजूरी दी जाती है।
इसके बाद श्रम और रोजगार मंत्रालय इसे आधिकारिक रूप से अधिसूचित करता है।
सूचना जारी होने के बाद, PF ब्याज सब्सक्राइबर के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।
अन्य चर्चाएं: बेसिक सैलरी और सामाजिक सुरक्षा
CBT बैठक में EPFO के तहत वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में EPFO को चार महीने में वेतन सीमा बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसका मकसद था कि बढ़ते वेतन और महंगाई के चलते कई कर्मचारी अनिवार्य PF कवरेज के दायरे से बाहर न रहें।
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