रांची : स्वस्थ होने के बाद दोबारा विभाग का प्रभार संभालते ही शिक्षा मंत्री पारा शिक्षकों की समस्या के निदान में जुट गए थे। ऐसा माना जा रहा था कि अगस्त तक झारखंड में पारा शिक्षकों का बिहार मॉडल लागू हो जाएगा। लेकिन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के डायरेक्टर शैलेश कुमार चौरसिया के बदलते ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया है।
अब एक बार फिर से पारा शिक्षकों ने सरकार को अलट्मेटम दिया है। शिक्षकों ने सरकार को 14 नवंबर तक वेतनमान देने की मांग की है, अगर सरकार ने तय तारीख तक वेतनमान नहीं दिया तो 65000 पारा शिक्षक रांची कूच करेंगे। यहां डेरा डालेंगे।

बिहार की तर्ज पर वेतनमान देने की मांग
पिछले 2 साल से पारा शिक्षक सरकार से बिहार मॉडल की तर्ज पर वेतनमान देने की मांग कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि सरकार बिहार मॉडल पर निर्मित नियमावली को अपनाते हुए इसे कैबिनेट में पारित करवाकर पारा शिक्षकों को उनका वेतनमान दे। सरकार अगर यह लागू करती है तो एक अनुमान के मुताबिक सरकार के खजाने पर हर महीने 50 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ेगा।



