Jamshedpur : शहर की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे आवारा पशुओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। कभी सड़क हादसे, तो कभी ट्रैफिक जाम इन समस्याओं को देखते हुए शुक्रवार को जेएनएसी और जुस्को की टीमों ने मिलकर एक बड़ा अभियान शुरू किया। उद्देश्य था–शहर में घूम रहे गाय और बैलों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर गौशालाओं तक पहुँचाना।
सुबह होते ही टीमें उन इलाकों में उतर गईं जहाँ अक्सर आवारा पशु दिखाई देते हैं। किसी तरह की चोट या नुकसान से बचाने के लिए हर कदम सावधानी से उठाया गया। पहले पशुओं को रस्सी की मदद से रोका गया, फिर उन्हें शांत रखने के लिए ट्रैंक्विलाइज़र का इंजेक्शन दिया गया। जब इंजेक्शन का असर हुआ, तो जेसीबी की मदद से उन्हें ट्रकों में लादकर गौशालाओं तक भेजा गया।
पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. तुषार मंडल ने बताया कि शहर में आवारा पशुओं के कारण कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ लोगों की जान भी गई है। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पशु कल्याण के नियमों के तहत की जा रही है, ताकि जानवरों को तकलीफ़ न हो और लोगों की सुरक्षा भी बनी रहे।
डॉ. मंडल ने पशुपालकों से यह भी अपील की कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर न छोड़ें, क्योंकि लापरवाही से दुर्घटनाएँ बढ़ती हैं। शुक्रवार के अभियान में बड़ी संख्या में गाय और सांड पकड़े गए और उन्हें सुरक्षित रूप से गौशालाओं में स्थानांतरित किया गया।


