अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिये अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी. 39 साल के मेसी ने यह फैसला जुलाई में हुए वर्ल्ड कप फाइनल में मिली हार के डेढ़ महीने बाद लिया, लेकिन असली वजह बनी उनके पिता जॉर्ज मैसी की मौत. 8 अगस्त को रोसारियो के एक अस्पताल में 68 साल की उम्र में जॉर्ज मैसी का निधन हो गया था, जिसके बाद मैसी ने अपने फैसले पर मुहर लगा दी.
नोटबुक में लिखा था पहले ही खत, वर्ल्ड कप फाइनल के दो दिन बाद
मेसी ने इंस्टाग्राम पर एक हाथ से लिखे नोटबुक पन्ने की तस्वीर शेयर की, जिसमें उन्होंने स्पेनिश भाषा में अपना संदेश लिखा था. पोस्ट के आखिर में एक फुटनोट भी जोड़ा गया, जिसमें मैसी ने बताया कि यह खत उन्होंने 21 जुलाई को, यानी फाइनल हारने के दो दिन बाद ही लिख लिया था. मेसी ने लिखा कि अपने पिता के जाने के बाद वे अपने फैसले पर पहले से भी ज्यादा दृढ़ हैं. उन्होंने लिखा, “यह फैसला दर्द देता है, आज भी अंदर तक दर्द देता है, लेकिन मुझे समझ आ गया है कि अब सही वक्त आ गया है।”
19 जुलाई को स्पेन के हाथों हारा था वर्ल्ड कप फाइनल
मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना 19 जुलाई 2026 को अमेरिका के न्यू यॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से अतिरिक्त समय में 0-1 से हार गई थी. यह मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच साबित हुआ. इस हार के साथ ही मेसी का वर्ल्ड कप जीतने का सिलसिला थम गया, हालांकि 2022 में कतर में उन्होंने फ्रांस को हराकर अर्जेंटीना को 36 साल बाद वर्ल्ड कप चैंपियन बनाया था.
“सब कुछ दे दिया, अब देने को कुछ नहीं”- मेसी का भावुक संदेश
अपने पोस्ट में मेसी ने लिखा कि उन्होंने हमेशा इस जर्सी के लिए अपना सब कुछ दिया, ताकि लोगों को खुशियां दे सकें और फुटबॉल के जरिये अर्जेंटीनी होने पर गर्व महसूस करा सकें. उन्होंने कहा कि अब एक-एक करके अध्याय बंद हो रहे हैं और यह भी उसी कड़ी का हिस्सा है. मेसी ने टीम के युवा खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि अब पीछे शानदार युवा खिलाड़ी आ रहे हैं, जो टीम में जगह पाने के हकदार हैं. उन्होंने फैंस के 20 साल के प्यार के लिए धन्यवाद देते हुए लिखा कि मैदान के अंदर से उनकी आवाज सुनना उन्हें हमेशा याद आएगा.
207 मैच, 125 गोल – मेसी के नाम अर्जेंटीना के लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड
2005 में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 21 साल के करियर में कुल 207 मैच खेले और 125 गोल दागे, जो टीम के इतिहास में सबसे ज्यादा हैं. इसके अलावा उनके नाम 68 असिस्ट भी दर्ज हैं. मेसी छह वर्ल्ड कप खेलने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे. उन्होंने 2014 और 2026, दो बार वर्ल्ड कप फाइनल में उपविजेता रहते हुए हार का सामना किया, जबकि 2022 में खिताब अपने नाम किया. कोपा अमेरिका खिताब भी उन्होंने दो बार, 2021 और 2024 में जीता, जिसने अर्जेंटीना का 28 साल का खिताबी सूखा खत्म किया था. मैसी के नाम आठ बैलन डी’ओर खिताब भी दर्ज हैं.
2016 में भी ले चुके हैं संन्यास, फिर लौट आए थे टीम में
यह पहला मौका नहीं है जब मैसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल छोड़ने का फैसला लिया हो. 2016 में कोपा अमेरिका सेंटेनेरियो के फाइनल में चिली से पेनल्टी शूटआउट में हार के बाद मैसी ने भावुक होकर संन्यास का ऐलान कर दिया था. हालांकि कुछ महीनों बाद ही उन्होंने अपना फैसला पलट दिया और टीम में वापसी की, जिसके बाद 2021 और 2022 में अर्जेंटीना को दो बड़े खिताब दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही.
क्लब फुटबॉल जारी रखेंगे मेसी, इंटर मियामी से जुड़ा है अनुबंध
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से भले ही मेसी ने संन्यास ले लिया हो, लेकिन क्लब स्तर पर वे खेलना जारी रखेंगे. मैसी फिलहाल अमेरिकी मेजर लीग सॉकर की टीम इंटर मियामी के लिए खेल रहे हैं और क्लब के साथ उनका अनुबंध 2028 तक है. हाल ही में उन्होंने मॉन्ट्रियल के खिलाफ एक मैच में चार गोल दागकर इंटर मियामी को 7-1 की बड़ी जीत दिलाई थी.
पत्नी, फीफा अध्यक्ष और अर्जेंटीना फुटबॉल संघ की भावुक प्रतिक्रियाएं
मेसी के संन्यास के ऐलान के बाद फुटबॉल जगत से कई भावुक प्रतिक्रियाएं सामने आईं. मेसी की पत्नी एंटोनेला रोकुज्जो ने इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा कि उन्होंने मेसी को हमेशा मुश्किल हालात में भी आगे बढ़ते और दोबारा कोशिश करते देखा है. फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने मैसी के करियर को असाधारण बताते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा और विनम्रता हमेशा याद रखी जाएगी. अर्जेंटीना फुटबॉल संघ ने भी सोशल मीडिया पर आभार जताते हुए मैसी को धन्यवाद कहा.
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