बिहार और झारखंड के बीच सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे मुद्दे पर अब समझौता हो गया है. सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दोनों राज्यों के बीच MoU पर हस्ताक्षर किए गए. कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे.
बिहार को 5.75 MAF, झारखंड को 2 MAF पानी
समझौते के तहत सोन नदी के पानी में बिहार को 5.75 MAF और झारखंड को 2.00 MAF जल आवंटित करने पर सहमति बनी है. इस फैसले से झारखंड के पलामू, गढ़वा समेत आसपास के इलाकों को खास फायदा मिलने की उम्मीद है.
पलामू-गढ़वा में सिंचाई और पेयजल की समस्या होगी कम
इस समझौते के बाद पलामू और गढ़वा क्षेत्र में सिंचाई के साथ-साथ पीने के पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है. सरकार का कहना है कि इससे इलाके में जल संसाधनों को मजबूत करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.
हेमंत सोरेन ने पीएम मोदी और अमित शाह का जताया आभार
समझौते के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोन नदी के जल बंटवारे से जुड़े मुद्दे के समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रति आभार जताया. उन्होंने कहा कि इस समझौते से झारखंड के संबंधित क्षेत्रों को पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.
कार्यक्रम में कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, बिहार के उपमुख्यमंत्री, झारखंड के जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन, झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, झारखंड भवन के रेजिडेंट कमिश्नर अरवा राजकमल समेत केंद्र और दोनों राज्यों के कई अधिकारी मौजूद रहे.


