Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»“24 घंटे में माफी माँगो, वरना संभाल नहीं पाओगे” – शुभेंदु अधिकारी की ‘आनंदबाजार पत्रिका’ को खुली चेतावनी
    जोहार ब्रेकिंग

    “24 घंटे में माफी माँगो, वरना संभाल नहीं पाओगे” – शुभेंदु अधिकारी की ‘आनंदबाजार पत्रिका’ को खुली चेतावनी

    Kanika RanaBy Kanika RanaAugust 31, 2026Updated:August 31, 2026No Comments4 Mins Read6
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने बांग्ला अखबार आनंदबाजार पत्रिका (ABP) को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उसे 24 घंटे के भीतर माफी माँगनी होगी, वरना इसके “भयंकर परिणाम” होंगे. विवाद की जड़ अखबार की वह हेडलाइन है जिसमें जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई छात्र संगठनों की झड़प को “गेरुआ गुंडागिरी” (सैफ्रन हूलिगनिज्म) कहा गया था.

    अख़बार की हेडलाइन-
    (जादवपुर यूनिवर्सिटी हिंसा की ‘गेरुआ गुंडागिरी’ हेडलाइन पर भाजपा नेता का तीखा हमला, हज़ारों साधुओं के विरोध की चेतावनी)

    कब और कहाँ दिया बयान

    अधिकारी ने यह बयान रक्षाबंधन के अवसर पर जादवपुर में आयोजित एक भाईचारे के कार्यक्रम के दौरान दिया, जो यूनिवर्सिटी कैंपस के पास ही आयोजित हुआ था. कार्यक्रम में वंदे मातरम गायन और राष्ट्रीय ध्वज लेकर उपस्थित लोग भी शामिल थे.

    क्यों भड़का मामला?

    20 अगस्त 2026 को जादवपुर यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच झड़प हुई थी, जो इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी फैकल्टी स्टूडेंट्स यूनियन की एक बैठक के दौरान शुरू हुई और देर रात तक जारी रही. पुलिस की मौजूदगी में भी हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिसका पूरा हिसाब न तो यूनिवर्सिटी प्रशासन और न ही पुलिस ने अब तक दिया है. इस घटना पर आनंदबाजार पत्रिका ने फ्रंट पेज पर “गेरुआ गुंडागिरी” शीर्षक से रिपोर्ट छापी, जिसे भाजपा नेताओं ने भगवा रंग और हिंदू आस्था पर सीधा हमला बताया.

    साधु की शिकायत, FIR की माँग

    इस हेडलाइन को लेकर 27 अगस्त को बोबाज़ार थाने में एक शिकायत दर्ज कराई गई. संजय शास्त्री महाराज नामक एक भगवाधारी हिंदू संत ने खुद को शिकायतकर्ता बताते हुए दावा किया कि भगवा रंग सनातन परंपरा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा या संगठन का, और इसे “गुंडागिरी” से जोड़ना करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को आहत करता है. शिकायत में विशेष रूप से अखबार की संपादकीय टीम से जुड़ी ईशानी दत्ता रे और सोमा मुखर्जी का नाम लिया गया. हालाँकि, शिकायत में किसी स्पष्ट कानूनी धारा का हवाला नहीं दिया गया, और प्रकाशन तक पुलिस की ओर से इस पर कोई FIR दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी.

    शुभेंदु अधिकारी ने क्या कहा?

    अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा- “मैं किसी न्यूज़ आउटलेट को राजनीतिक अभियान चलाने, राजनीतिक आलोचना करने से नहीं रोक रहा. लेकिन भगवा पर हमला मत करो. इसके नतीजे बहुत भयंकर होंगे, जिन्हें तुम संभाल नहीं पाओगे.” उन्होंने आगे कहा- “24 घंटे के भीतर माफी माँगो. इसे फ्रंट पेज पर छापो… लिखना गलत था. वरना भगवाधारियों का विरोध होगा.

    गौरतलब है कि अधिकारी ने अपने भाषण में सीधे तौर पर आनंदबाजार पत्रिका का नाम नहीं लिया, लेकिन यह बयान भाजपा नेताओं द्वारा अखबार की हो रही आलोचना के बीच आया.

    हज़ारों साधुओं की तैयारी का दावा

    अधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि अगर अखबार माफी नहीं माँगता, तो हज़ारों भगवाधारी साधु विरोध प्रदर्शन के लिए तैयार बैठे हैं और सिर्फ उनकी सहमति का इंतज़ार कर रहे हैं. उनका कहना था कि उन्होंने फिलहाल इन साधुओं से “इंतज़ार करने” को कहा है, लेकिन भगवा शब्द को इस तरह कलंकित नहीं होने देंगे और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा.

    क्यों अहम है यह मामला?

    यह विवाद प्रेस की स्वतंत्रता बनाम धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा की बहस को फिर से सामने लाता है. एडिटर्स गिल्ड पहले भी ऐसी माँगों पर आपत्ति जता चुकी है, यह तर्क देते हुए कि हेडलाइन लिखना अक्सर एक सामूहिक और बार-बार होने वाली संपादकीय प्रक्रिया है, और इस तरह की जांच उन पत्रकारों को भी निशाना बना सकती है जो सिर्फ संपादकीय चर्चा में शामिल थे. दूसरी ओर, सत्तारूढ़ दल के आलोचकों और भाजपा नेताओं का कहना है कि भगवा रंग को हिंसा से जोड़ना धार्मिक भावनाओं का अपमान है.

    फिलहाल आनंदबाजार पत्रिका समूह और बोबाज़ार पुलिस की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

    Also Read:भागवत की “एकता में अनेकता” पर सिब्बल का तंज – “यह भाषण था या राहुल गांधी का?”

    #HindiNews #LatestNews #WestBengal Bjp Controversy independenceday newspaper ABP newspaperheadline newsupdate Politics RSS sanjayshastri suvenduadhikari Ultimatum
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleभागवत की “एकता में अनेकता” पर सिब्बल का तंज – “यह भाषण था या राहुल गांधी का?”
    Next Article झारखंड : इंटरमीडिएट स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 हुई रद्द, JSSC ने जारी किया आदेश

    Related Posts

    JPSC / JSSC

    झारखंड : इंटरमीडिएट स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 हुई रद्द, JSSC ने जारी किया आदेश

    August 31, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    भागवत की “एकता में अनेकता” पर सिब्बल का तंज – “यह भाषण था या राहुल गांधी का?”

    August 31, 2026
    आदिवासी

    परिसीमन पर आर-पार की लड़ाई! मोरहाबादी में लाखों का सैलाब, सोरेन की गैरमौजूदगी पर सवाल

    August 31, 2026
    JPSC / JSSC

    JPSC-JSSC परीक्षा घोटाला : अब तक कौन-कौन गिरफ्तार, कब हुई कार्रवाई, जानिए पूरी टाइमलाइन

    August 31, 2026
    JPSC / JSSC

    जोहार लाइव एक्सक्लूसिव : यूपी, हरियाणा और पंजाब से बुलाए जाते थे एक्सपर्ट्स, प्रोफेसर्स की मदद से हाइडआउट्स में बढ़ाए जाते थे अभ्यर्थियों के नंबर

    August 31, 2026
    झारखंड

    झारखंड : गिट्टी-बालू ढ़ोने वाला सामान बना एंबुलेंस, दो किमी तक ढ़ोया मरीज

    August 31, 2026
    Latest Posts

    झारखंड : इंटरमीडिएट स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 हुई रद्द, JSSC ने जारी किया आदेश

    August 31, 2026

    “24 घंटे में माफी माँगो, वरना संभाल नहीं पाओगे” – शुभेंदु अधिकारी की ‘आनंदबाजार पत्रिका’ को खुली चेतावनी

    August 31, 2026

    भागवत की “एकता में अनेकता” पर सिब्बल का तंज – “यह भाषण था या राहुल गांधी का?”

    August 31, 2026

    परिसीमन पर आर-पार की लड़ाई! मोरहाबादी में लाखों का सैलाब, सोरेन की गैरमौजूदगी पर सवाल

    August 31, 2026

    JPSC-JSSC परीक्षा घोटाला : अब तक कौन-कौन गिरफ्तार, कब हुई कार्रवाई, जानिए पूरी टाइमलाइन

    August 31, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.