Patna : बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नई पहल की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2005 में सत्ता संभालने के बाद से ही उनकी सरकार ने महिलाओं की स्थिति सुधारने को प्राथमिकता दी है। इसके तहत शिक्षा, नौकरियों, सुरक्षा और वित्तीय मदद जैसे कई क्षेत्रों में योजनाएं चलाई जा रही हैं। अब उसी कड़ी में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की शुरुआत की जा रही है, जिसे हाल ही में कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
हमलोगों ने नवम्बर, 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिला सशक्तीकरण के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अब महिलाएं अपनी मेहनत से न केवल बिहार की प्रगति में अपना योगदान दे रही हैं बल्कि वे अपने परिवारों की…
— Nitish Kumar (@NitishKumar) August 29, 2025
इस योजना के तहत राज्य के हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए प्रारंभिक तौर पर 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना की औपचारिक शुरुआत सितंबर 2025 से होगी।
यही नहीं, अगर महिला लाभार्थी रोजगार को छह महीने तक जारी रखती हैं, तो उन्हें आगे चलकर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सरकार की योजना है कि गांवों से लेकर शहरों तक हाट-बाजार विकसित किए जाएं, ताकि महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री कर सकें।
इस योजना का संचालन ग्रामीण विकास विभाग करेगा, जिसमें नगर विकास एवं आवास विभाग की भी सहभागिता होगी। मुख्यमंत्री का मानना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति तो सुधरेगी ही, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर भी मिलेंगे। इससे लोगों का पलायन भी रुकेगा और राज्य का आर्थिक विकास होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुताबिक़, आज बिहार की महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। इस योजना से उन्हें और मजबूती मिलेगी और वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।