Mumbai : मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया। आमतौर पर एयरपोर्ट यात्राओं, विदाई और मुलाकातों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार यह एक नई जिंदगी की शुरुआत का गवाह बना। एक विदेशी महिला यात्री ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही एयरपोर्ट की एंबुलेंस में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दे दिया।
ट्रांजिट एरिया में बिगड़ी तबीयत, मचा हड़कंप
घटना 10 फरवरी 2026 की सुबह करीब 5:17 बजे की है। इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया में मौजूद एक विदेशी महिला यात्री को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। वह तंज़ानिया की नागरिक थीं और अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट का इंतजार कर रही थीं।
जैसे ही एयरपोर्ट प्रशासन को सूचना मिली, तुरंत मेडिकल टीम को अलर्ट किया गया। महज तीन मिनट के भीतर डॉक्टर और पैरामेडिक्स मौके पर पहुंच गए। जांच में साफ हो गया कि महिला गर्भवती हैं और उन्हें लेबर पेन शुरू हो चुका है। स्थिति गंभीर थी और समय बेहद कम।

फुर्ती दिखाते हुए एंबुलेंस तक पहुंचाया
मौके की नज़ाकत को समझते हुए बिना देरी किए महिला को एयरपोर्ट की एंबुलेंस तक स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया। एयरलाइन के मेडिकल स्टाफ, लोडर्स और इमिग्रेशन अधिकारियों ने भी तेजी से औपचारिकताएं पूरी कराईं, ताकि अस्पताल पहुंचने में एक पल की भी देरी न हो। करीब 5:40 बजे एंबुलेंस अस्पताल के लिए रवाना हुई। सबको उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचकर सुरक्षित डिलीवरी कराई जाएगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
रास्ते में ही गूंजी किलकारी
अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की डिलीवरी शुरू हो गई। हालात को देखते हुए मेडिकल टीम ने एंबुलेंस के अंदर ही सुरक्षित प्रसव की तैयारी कर ली। सुबह करीब 5:45 बजे, अस्पताल के रास्ते में ही, महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। जन्म लेते ही बच्ची रोने लगी—जो उसके स्वस्थ होने का संकेत था। मेडिकल टीम ने तुरंत नवजात को शुरुआती उपचार दिया, गर्भनाल को सुरक्षित रूप से क्लैम्प किया गया और मां-बच्ची के बीच स्किन-टू-स्किन केयर शुरू कर दी गई।
इस पूरी प्रक्रिया में डॉ. कृतिका, डॉ. मधु और डॉ. किसलय के साथ पैरामेडिक्स माधुरी और अशोक तथा एंबुलेंस चालक ओमकार की अहम भूमिका रही। सभी ने मिलकर हालात को संभाला और एक बड़ी आपात स्थिति को खुशियों में बदल दिया।
अस्पताल में मां-बेटी दोनों सुरक्षित
इसके बाद मां और नवजात को अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया, जहां आगे की जरूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की गई। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, मां और बच्ची दोनों की हालत स्थिर और सुरक्षित है। महिला यात्री ने भी अस्पताल में एयरपोर्ट टीम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अनजान देश में, ऐसे मुश्किल वक्त में मिली मदद को वह कभी नहीं भूलेंगी।
टीमवर्क की मिसाल बना एयरपोर्ट
इस पूरे घटनाक्रम में एयरपोर्ट मेडिकल टीम, एंबुलेंस स्टाफ, एयरलाइन प्रतिनिधियों, इमिग्रेशन विभाग और सुरक्षा कर्मियों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) द्वारा किया जाता है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, चाहे स्थिति कितनी भी असामान्य क्यों न हो। यह सिर्फ एक मेडिकल इमरजेंसी नहीं थी, बल्कि इंसानियत, सतर्कता और तेज फैसले की मिसाल थी। उस सुबह एयरपोर्ट पर सिर्फ फ्लाइट्स नहीं उड़ीं, बल्कि एक नई जिंदगी ने भी उड़ान भरी।
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