मां बनने का सफर किसी भी महिला की जिंदगी का सबसे अहम पड़ाव होता है, लेकिन झारखंड में आज भी कई गर्भवती महिलाओं को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है. अब सरकार इस परेशानी को कम करने की तैयारी में है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि राज्य के सभी सदर अस्पतालों में आधुनिक सी-विंग (मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल) बनाया जाएगा. इसका मकसद गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर प्रसव और उसके बाद तक बेहतर इलाज एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें निजी अस्पतालों या दूसरे जिलों का रुख न करना पड़े.
सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा भरोसा, अब सुविधाएं भी होंगी और बेहतर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ समय में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है. पहले जहां लोग इलाज के लिए निजी अस्पतालों को प्राथमिकता देते थे, वहीं अब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है. सरकार इसी भरोसे को और मजबूत करना चाहती है. यही वजह है कि अब मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के लिए हर जिले में आधुनिक मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल विकसित किए जाएंगे.
एक ही छत के नीचे मिलेंगी प्रसव से जुड़ी सभी सुविधाएं
डॉ. अंसारी ने बताया कि इन अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले जांच, सुरक्षित प्रसव और प्रसव के बाद की देखभाल जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी. यहां विशेषज्ञ स्त्री एवं प्रसूति रोग चिकित्सक, शिशु रोग विशेषज्ञ, प्रशिक्षित नर्सें, आधुनिक लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, नवजात गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) और जरूरी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे जटिल मामलों में भी बेहतर इलाज मिल सकेगा और मां व नवजात दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
हर जिले में बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि सी-विंग परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सरकार की कोशिश है कि राज्य के हर जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित हों, ताकि किसी भी गर्भवती महिला को बेहतर इलाज के लिए दूसरे जिले या निजी अस्पताल का रुख न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से चली आ रही कमियों को दूर करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। अस्पतालों की आधारभूत संरचना मजबूत करने, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति, आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने और मरीजों को सम्मानजनक इलाज देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा जताया कि इन प्रयासों से आने वाले समय में झारखंड की सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी तथा हर जिले में माताओं और नवजात शिशुओं को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सकेगा। उन्होंने कहा, “सशक्त नारी, स्वस्थ शिशु और स्वस्थ परिवार ही विकसित झारखंड की सबसे मजबूत नींव है।”
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