New Delhi : ऑनलाइन प्रोडक्ट की सेल बढ़ाने, रुपये दुगने करने, कंपनी में निवेश और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों को साइबर थाना पुलिस ने लखनऊ के गोडम्बा से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के दो प्रमुख सदस्य शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक गुप्ता (गिरोह का सरगना) निवासी जानकीपुरम, सेक्टर-एच, लखनऊ और शाश्वत अवस्थी निवासी संजय गांधी पुरम, फैजाबाद रोड, इंदिरा नगर, लखनऊ के रूप में हुई है। इससे पहले पुलिस ने गिरोह के चार अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है।
साइबर अपराध की पद्धति
एएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि ये अपराधी ठगी के रुपये USDT (यूनाइटेड स्टेट्स डालर टेडर) क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी हैंडलरों को भेजते थे। गिरोह ने अब तक लगभग चार से पांच सौ लोगों के साथ ठगी की है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने कई सामान बरामद किए, जिनमें शामिल हैं:
- नेपाल का सिम
- 6.32 लाख रुपये नकद
- 11 मोबाइल फोन
- 12 एटीएम कार्ड
रुपये गिनने की मशीन
- 9 चेकबुक
- 2 पासबुक
शिकायत के आधार पर जांच
पूर्व में रौनापार थाना के गांगेपुर निवासी भूपेंद्र नाथ यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे आर्यन यादव के मोबाइल पर टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ने का संदेश आया। ग्रुप से जुड़ने के बाद, एक व्यक्ति ने इंटरनेट कॉलिंग के माध्यम से बताया कि वह वू-कामर्स कंपनी के लिए काम करता है। साइबर अपराधियों ने आर्यन यादव को झांसे में लेते हुए कंपनी में निवेश के नाम पर 1.12 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।
पुलिस कार्रवाई
साइबर थाना प्रभारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। गिरोह के चार अन्य सदस्यों को पहले 27 अक्टूबर 2025 को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था। टीम अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
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