Ranchi : झारखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DWSD) से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल ऑफिस ने इस मामले में विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दर्ज की है। इस केस में संतोष कुमार, उनकी पत्नी ललिता सिन्हा और उनकी कंपनी एम/एस रॉकड्रिल कंस्ट्रक्शंस (OPC) प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है।
कैसे हुआ घोटाला
जांच में सामने आया कि संतोष कुमार, जो उस समय कैशियर कम अपर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत थे, उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर सरकारी खजाने से करीब 22.86 करोड़ रुपये निकाल लिए। बताया गया कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए फर्जी पेयी आईडी बनाई गईं और बंद पड़े DDO कोड का इस्तेमाल कर रकम ट्रांसफर की गई। शुरुआती पुलिस जांच में घोटाले की रकम कम बताई गई थी, लेकिन ED की जांच में इसकी असली तस्वीर सामने आई।
ऐसे खपाया गया पैसा
जांच में यह भी सामने आया कि अवैध तरीके से निकाले गए पैसे को अलग-अलग जगह निवेश कर वैध बनाने की कोशिश की गई।
- रांची के रातू में जमीन खरीदी गई, जो आरोपी की बहन के नाम पर है
- पत्नी के नाम पर टोयोटा इनोवा क्रिस्टा गाड़ी बुक की गई
- 1.78 करोड़ रुपये से ज्यादा के गहने खरीदे गए
- 25 से ज्यादा म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश
- कई फिक्स्ड डिपॉजिट भी किए गए
छापेमारी में क्या मिला
ED ने जांच के दौरान 26 जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान करीब 55.08 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। साथ ही कई ऐसे दस्तावेज और लेजर मिले, जो विभाग में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं।
संपत्ति जब्त करने की तैयारी
ED ने इस मामले में करीब 6.26 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की मांग की है। इससे पहले 2.18 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया जा चुका है, जिसे PMLA अथॉरिटी ने भी मंजूरी दे दी है।
जांच अभी जारी
ED का कहना है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। माना जा रहा है कि इस घोटाले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
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