Ranchi : झारखंड के गढ़वा जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने मेराल प्रखंड के हासनदाग क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध रूप से जमा किए गए 61 ट्रैक्टर बालू को जब्त किया। इस कार्रवाई के बाद बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
एसडीएम संजय कुमार को हासनदाग इलाके में यूरिया नदी से अवैध बालू खनन और भंडारण की लगातार शिकायत मिल रही थी। सूचना के आधार पर जब अचानक छापेमारी की गई, तो मौके पर बालू के 61 अलग-अलग ढेर पाए गए। जांच के दौरान बालू में नमी भी पाई गई, जिससे पता चलता है कि खनन हाल ही में किया गया था।
कई लोगों के नाम आए सामने
स्थानीय लोगों से पूछताछ में अवैध बालू भंडारण में नंदलाल तिवारी, प्रदीप तिवारी, दयावंत तिवारी और रिंकू तिवारी समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
एसडीएम ने अंचल पदाधिकारी यशवंत नायक और मेराल थाना प्रभारी को जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है। साथ ही मौके पर ही मेराल सीओ को जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिला खनन पदाधिकारी को भी पूरे मामले की गहन जांच कर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने को कहा गया है।
जनता से सहयोग की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अवैध खनन और बालू तस्करी की जानकारी समय पर दें। इससे प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और इस तरह के अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सकेगी।
पर्यावरण और कानून व्यवस्था पर खतरा
एसडीएम ने कहा कि अवैध खनन केवल आर्थिक अपराध ही नहीं है, बल्कि इससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान होता है। इसके साथ ही यह स्थानीय कानून व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकता है।
अभियान रहेगा जारी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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