Jamshedpur : शहर के जाने-माने व्यवसायी और एसिया के उपाध्यक्ष देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। करीब 13 दिन लापता रहने के बाद मंगलवार को सुबह लगभग 4:30 बजे उन्हें खोजा गया। कैरव गांधी की बरामदगी झारखंड–बिहार सीमा क्षेत्र से हुई।
बरामदगी के बाद पुलिस टीम कैरव गांधी को सीधे उनके आवास लेकर पहुंची, जहां उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटे को सुरक्षित देखकर परिवार ने राहत की सांस ली। इस दौरान आवास पर सीमित लोगों की मौजूदगी रही। कैरव गांधी पहली बार मीडिया के सामने आए और हाथ जोड़कर पुलिस व लोगों का धन्यवाद किया, हालांकि परिवार की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया। घर पहुंचे कैरव गांधी से मिलने लोग पहुंच रहे हैं। दो दिन पहले डीजीपी पहुंचीं थीं जमशेदपुर दो दिन पूर्व राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा जमशेदपुर पहुंची थीं। उन्होंने कैरव गांधी से जुड़े मामले की जानकारी ली थी। हालांकि, जमशेदपुर के पुलिस कप्तान ने इसे रूटीन वर्क बताया था। इससे पहले पुलिस ने कैरव गांधी की कार चांडिल के कांदरबेड़ा क्षेत्र से बरामद की थी।
13 जनवरी को लापता हुए थे कैरव गांधी
गौरतलब है कि 13 जनवरी को कैरव गांधी के अचानक लापता होने से पूरे जमशेदपुर शहर में सनसनी फैल गई थी। मामला सामने आते ही यह अपहरणकांड राजनीतिक, व्यावसायिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस पर लगातार दबाव बनाया था और राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए थे।
पुलिस दबाव में आए अपहरणकर्ता
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, लगातार दबाव और सघन छापेमारी के चलते अपहरणकर्ता बैकफुट पर आ गए थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अपहरणकर्ता कैरव गांधी को एक ठिकाने से दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने संभावित मार्गों पर कई टीमें तैनात कर दीं। इसी दौरान जीटी रोड पर चौपारण–बरही के बीच अपहरणकर्ताओं ने कैरव गांधी को रास्ते में ही छोड़ दिया और फरार हो गए। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।
अपहरणकर्ताओं की पहचान
बरामदगी के बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया और उनके आग्रह पर कैरव गांधी को कड़ी सुरक्षा के बीच उनके आवास तक पहुंचाया गया। फिलहाल परिजनों की ओर से मीडिया के सामने कोई विस्तृत बयान नहीं दिया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपहरणकर्ताओं की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न जिलों और सीमावर्ती इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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