Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    7 Jun, 2026 ♦ 8:22 AM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»जोहार ब्रेकिंग»कॉलेजों से सिमटकर रांची पहुंचेगी पीजी पढ़ाई! ग्रामीण छात्रों पर बढ़ सकता है पढ़ाई का खर्च
    जोहार ब्रेकिंग

    कॉलेजों से सिमटकर रांची पहुंचेगी पीजी पढ़ाई! ग्रामीण छात्रों पर बढ़ सकता है पढ़ाई का खर्च

    Rudra ThakurBy Rudra ThakurJune 7, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Ranchi : झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सरकार द्वारा लागू की जा रही नई रिस्ट्रक्चरिंग नीति अब चर्चा का विषय बन गई है। नई व्यवस्था में शिक्षकों और सीटों का जो अनुपात तय किया गया है, उसे लेकर शिक्षा जगत में सवाल उठने लगे हैं। खासकर रांची विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के हजारों छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ गई है।

    रांची यूनिवर्सिटी के पीजी विभागों को मिला ज्यादा शिक्षक अनुपात

    सरकार द्वारा तय नए ढांचे के अनुसार रांची विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में कुल 4240 सीटें निर्धारित की गई हैं। इन सीटों के लिए 130 सहायक प्राध्यापक, 59 एसोसिएट प्रोफेसर और 34 प्रोफेसर सहित कुल 223 शिक्षकों का प्रावधान किया गया है। इस हिसाब से विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में औसतन हर 19 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध होगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अनुपात उच्च शिक्षा के लिए अपेक्षाकृत बेहतर माना जा सकता है। हालांकि वास्तविक स्थिति यह है कि कई पीजी विभागों में निर्धारित सीटें पूरी तरह भर भी नहीं पाती हैं। इसके पीछे सत्रों का नियमित नहीं होना और समय पर परीक्षाएं व परिणाम नहीं निकलना प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    डीएसपीएमयू में एक शिक्षक पर 100 छात्रों तक का भार

    वहीं दूसरी ओर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में स्थिति अलग दिखाई देती है। यहां स्नातक की 3385 और स्नातकोत्तर की 1796 सीटें मिलाकर कुल 5181 सीटें निर्धारित हैं। नए ढांचे में 126 सहायक प्राध्यापक, 52 एसोसिएट प्रोफेसर और 26 प्रोफेसर सहित कुल 204 शिक्षकों का प्रावधान किया गया है। आंकड़ों के अनुसार यहां एक शिक्षक पर औसतन 25 सीटों की जिम्मेदारी होगी। विशेषज्ञ बताते हैं कि यूजी में एक सीट पर चार सेमेस्टर के छात्र जुड़े रहते हैं। ऐसे में वास्तविक रूप से एक शिक्षक पर लगभग 100 छात्रों का शैक्षणिक भार पड़ता है। यह अनुपात रांची विश्वविद्यालय के पीजी विभागों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है।

    कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई पर संकट

    नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर कॉलेजों में संचालित पीजी पाठ्यक्रमों पर पड़ सकता है। सरकार ने फिलहाल कॉलेजों में चल रहे पीजी कोर्सों की सीट क्षमता निर्धारित नहीं की है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि सीटों का निर्धारण नहीं हुआ तो अगले शैक्षणिक सत्र से कॉलेजों में पीजी में नामांकन बंद हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल रांची के मोरहाबादी स्थित रांची विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में ही स्नातकोत्तर की पढ़ाई संभव होगी।

    गुमला, सिमडेगा, खूंटी और लोहरदगा के छात्रों की बढ़ी परेशानी

    वर्तमान में रांची विश्वविद्यालय के अधीन गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा और खूंटी समेत कई जिलों के कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई होती है। यदि इन कॉलेजों में पीजी नामांकन बंद होता है तो छात्रों को पढ़ाई के लिए रांची आना पड़ेगा। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए यह बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। उन्हें आवास, भोजन और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। कई छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना मुश्किल भी हो सकता है।

    शिक्षा विशेषज्ञों ने जताई चिंता

    शिक्षा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि उच्च शिक्षा को गांव और छोटे शहरों तक पहुंचाने के लिए पिछले कई वर्षों से कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू की गई थी। यदि इसे फिर से विश्वविद्यालय मुख्यालय तक सीमित कर दिया गया तो उच्च शिक्षा का विकेंद्रीकरण प्रभावित होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को कॉलेजों में संचालित पीजी पाठ्यक्रमों की सीट क्षमता जल्द तय करनी चाहिए, ताकि छात्रों और अभिभावकों के बीच बनी अनिश्चितता समाप्त हो सके।

    छात्रों की मांग

    छात्र संगठनों और शिक्षकों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले सभी जिलों के कॉलेजों की जरूरतों और वहां पढ़ रहे विद्यार्थियों की संख्या का आकलन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा को सुलभ बनाने के बजाय यदि इसे केवल विश्वविद्यालय परिसरों तक सीमित किया गया तो इसका सबसे बड़ा नुकसान ग्रामीण छात्रों को उठाना पड़ेगा।

    Also Read : रामगढ़ में दो दिन में दो महिलाओं की चेन लूटी, एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी भी बनी शिकार

    Postgraduate studies to shift from colleges to Ranchi; education costs for rural students may rise. कॉलेजों से सिमटकर रांची पहुंचेगी पीजी पढ़ाई! ग्रामीण छात्रों पर बढ़ सकता है पढ़ाई का खर्च
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleरामगढ़ में दो दिन में दो महिलाओं की चेन लूटी, एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी भी बनी शिकार

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    रामगढ़ में दो दिन में दो महिलाओं की चेन लूटी, एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी भी बनी शिकार

    June 6, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    सीएम हेमंत से मिले भूपेश बघेल और अजय शर्मा, राज्यसभा चुनाव पर तेज हुई सियासी हलचल

    June 6, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    चाकू मा’रकर गृहरक्षक से स्कूटी लूटने वाले दो धराए, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहे थे गाड़ी

    June 6, 2026
    Latest Posts

    कॉलेजों से सिमटकर रांची पहुंचेगी पीजी पढ़ाई! ग्रामीण छात्रों पर बढ़ सकता है पढ़ाई का खर्च

    June 7, 2026

    रामगढ़ में दो दिन में दो महिलाओं की चेन लूटी, एयरफोर्स अधिकारी की पत्नी भी बनी शिकार

    June 6, 2026

    सीएम हेमंत से मिले भूपेश बघेल और अजय शर्मा, राज्यसभा चुनाव पर तेज हुई सियासी हलचल

    June 6, 2026

    चाकू मा’रकर गृहरक्षक से स्कूटी लूटने वाले दो धराए, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चला रहे थे गाड़ी

    June 6, 2026

    रांची में कांग्रेस का चुनावी बिगुल, राज्यसभा चुनाव की कमान संभालने पहुंचे भूपेश बघेल और अजय शर्मा

    June 6, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.