रांची. जेएसएससी-सीजीएल के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस दीपक रौशन की अदालत ने नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर लगी अंतरिम रोक को जारी रखा है. कोर्ट ने राज्य सरकार को 48 घंटे के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी.
1,932 अभ्यर्थियों की हुई थी नियुक्ति
जेएसएससी-सीजीएल 2023 परीक्षा के जरिए 1,932 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था. रिजल्ट जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों की अलग-अलग विभागों में नियुक्तियां की गईं. बाद में परीक्षा में अनियमितता और पेपर लीक के आरोपों की जांच शुरू हुई. परीक्षा कराने वाली एजेंसी TDPL की भूमिका सामने आने के बाद सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल समेत TDPL से जुड़ी परीक्षाओं पर कार्रवाई का फैसला लिया.
पिछले महीने 17 अगस्त को कैबिनेट के फैसले के बाद सरकार ने 18 अगस्त को जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और इसके आधार पर हुई नियुक्तियां रद्द करने का आदेश जारी किया था. इसके खिलाफ नियुक्त अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया.
याचिकाकर्ताओं की दलील- सभी अभ्यर्थियों को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते
याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, तो इसके लिए सभी चयनित अभ्यर्थियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर कोई आरोप नहीं है, उनकी नियुक्ति रद्द करने से पहले उन्हें सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए.
पिछली सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई थी. अदालत ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन किए बिना नियमित नियुक्तियां खत्म किए जाने पर सवाल उठाए थे.
18 सितंबर को फिर होगी सुनवाई
अदालत की ओर से रोक जारी रहने के कारण फिलहाल जेएसएससी-सीजीएल के जरिए नियुक्त कर्मियों की सेवा पर सरकार के रद्दीकरण आदेश का असर नहीं होगा. हालांकि, यह अंतिम फैसला नहीं है. 18 सितंबर की सुनवाई में सरकार को नियुक्तियां रद्द करने के आधार और सामूहिक रूप से नियुक्तियां खत्म करने की जरूरत पर अपना पक्ष रखना होगा.
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