रांची : झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी ने अब राज्य सरकार के सामने सीधे तौर पर CBI जांच, छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने और दोषी पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग रखी है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर लंबे समय से छात्र आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाना चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
इस संबंध में बीजेपी झारखंड प्रदेश की ओर से 2 सितंबर 2026 को राज्य के मुख्य सचिव को पत्र सौंपा गया है. पत्र में JPSC और JSSC की विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच कराने की मांग की गई है. साथ ही आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों पर राज्य के अलग-अलग थानों में दर्ज FIR को तत्काल रद्द करने की मांग की गई है.
बीजेपी ने सरकार के सामने रखीं तीन बड़ी मांगें
बीजेपी ने अपने पत्र में सरकार से तीन प्रमुख मांगें की हैं-
पहली मांग : छात्र आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों पर राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज FIR को तत्काल रद्द किया जाए.
दूसरी मांग : JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराई जाए. बीजेपी ने रद्द और स्थगित की गई सभी परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की है.
तीसरी मांग : परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में आयोग के अध्यक्ष के अलावा अन्य जिम्मेदार सदस्यों और संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई की जाए.
छात्रों पर FIR को लेकर बीजेपी का सरकार पर दबाव
बीजेपी का कहना है कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्रों ने करीब एक महीने तक लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया. पार्टी का आरोप है कि आंदोलन के दौरान और उसके बाद छात्रों की आवाज दबाने के लिए अलग-अलग थानों में FIR दर्ज की गई.
बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला भी दिया है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों में छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज FIR को तत्काल रद्द करने का आदेश दिए जाने की बात कही गई है. पार्टी ने इसी आधार पर झारखंड में भी छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है.
अध्यक्ष के बाद दूसरे जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की मांग
बीजेपी ने JPSC मामले में कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा है कि अगर आयोग के अध्यक्ष की गिरफ्तारी हुई है, तो आयोग के अन्य सदस्यों पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए.
पार्टी ने उन पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है, जिनके अधीन काम करने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी कथित परीक्षा धांधली के मामले में हुई है. बीजेपी का कहना है कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाए जाएं, उनकी भूमिका के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए.
कई बड़े बीजेपी नेता पहुंचे
इस मांग को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, सांसद बी.डी. राम, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और भानु प्रताप शाही समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
इनके अलावा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, विधायक सी.पी. सिंह, मंजू देवी, शशि भूषण मेहता, आलोक चौरसिया, रोशन लाल चौधरी, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, नागेंद्र महतो और राज सिन्हा भी मौजूद रहे.
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