रांची। झारखंड में पंचायत चुनाव 2022 के दौरान चुनाव लड़ने वाले 10 प्रत्याशियों पर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है. चुनाव खर्च का लेखा-जोखा जमा नहीं करने के कारण आयोग ने इन सभी को अगले तीन वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है. इस सूची में रामगढ़ जिले के मांडू, पतरातू और गोला क्षेत्र के प्रत्याशी शामिल हैं. झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 30 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया गया है.
आयोग के मुताबिक, संबंधित प्रत्याशियों ने पंचायत चुनाव 2022 में चुनाव लड़ने के बाद निर्धारित समय में अपने चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं किया. उन्हें इस संबंध में सूचना और अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया था. हालांकि, वे अपनी विफलता के लिए कोई पर्याप्त और न्यायोचित कारण प्रस्तुत नहीं कर सके.
इन 10 प्रत्याशियों पर हुई कार्रवाई
गजट में जारी सूची के अनुसार, अयोग्य घोषित किए गए प्रत्याशियों में शामिल हैं:
- सविता देवी – मांडू
- सुमती देवी – मांडू
- मिथिलेश महतो – मांडू
- त्रिभुवन प्रसाद – मांडू
- खुशबू देवी – पतरातू
- झरी मुंडा – पतरातू
- रंजीत कुमार यादव – पतरातू
- रामफल बेदिया – पतरातू
- उषा देवी – गोला
- अरविंद कुमार – मांडू
तीन साल तक नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10A तथा झारखंड पंचायत राज अधिनियम, 2001 की संबंधित धाराओं के तहत यह कार्रवाई की है. आदेश के अनुसार, सभी 10 प्रत्याशी आदेश जारी होने की तारीख से अगले तीन वर्षों तक त्रिस्तरीय पंचायत निकायों और स्थानीय नगर निकायों के किसी भी पद के लिए चुनाव लड़ने और निर्वाचित होने के अयोग्य रहेंगे.
आयोग ने यह कार्रवाई रामगढ़ के जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत)-सह-उपायुक्त की रिपोर्ट और पूरक रिपोर्ट की समीक्षा के बाद की है.


