जोहार लाइव की JPSC एक्सपोज़ पार्ट-3 रिपोर्ट को शेयर करते हुए केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह खबर किसी भी संवेदनशील इंसान को व्यथित करने वाली है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर झारखंड के बच्चों के सपनों का कथित तौर पर 60 से 70 लाख रुपये में सौदा हो रहा था, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार क्यों नहीं है? उन्होंने सवाल किया, क्या यह अबुआ सरकार सपनों की सौदागर नहीं है?
संजय सेठ ने कहा कि झारखंड के बच्चों की मेहनत और उनके माता-पिता के सपनों को इस तरह कथित तौर पर बेचा जाना बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने एक बार फिर पूरे मामले की CBI जांच की मांग की. संजय सेठ ने सवाल उठाया कि सरकार CBI जांच से क्यों डर रही है. उन्होंने कहा कि मामले में तत्काल गिरफ्तारियां होनी चाहिए.
जोहार लाइव की एक्सपोज़ रिपोर्ट में क्या सामने आया?
जोहार लाइव की एक्सपोज़ पार्ट-3 रिपोर्ट में हमने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को कथित तौर पर पैसे लेकर इंटरव्यू में लाभ पहुंचाए जाने के आरोपों को सामने रखा है.
रिपोर्ट में JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते, तत्कालीन सदस्य अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद, अनीमा हांसदा और पतंजलि कोचिंग के संचालक रवि कुमार की कथित भूमिका से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया गया है.
जोहार लाइव की रिपोर्ट के मुताबिक, अभय तिवारी के कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर सात अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में लाभ पहुंचाने के एवज में प्रति अभ्यर्थी 15 लाख रुपये लिए जाने का दावा सामने आया. वहीं, प्रारंभिक परीक्षा से लेकर अंतिम चयन तक कथित तौर पर 60 से 70 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी तक की रकम लिए जाने की बात रिपोर्ट में सामने आई.
एक्सपोज़ के बाद JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार
जोहार लाइव की एक्सपोज़ रिपोर्ट के बाद 10 अगस्त को CID ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार किया. सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया. इसी दिन JPSC की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य से भी CID ने पूछताछ की.

मामले में अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ और कार्रवाई की संभावना है. अब जोहार लाइव की पड़ताल में सामने आए तथ्यों और CID की जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी से यह स्पष्ट होगा कि इन गंभीर आरोपों में किन-किन लोगों की क्या भूमिका थी.



