Dhanbad : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का ऐलान हो चुका है और अब सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच माना जा रहा है, लेकिन इस बार झारखंड के क्षेत्रीय दल भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में हैं। इसी कड़ी में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने भी चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।
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जयराम महतो ने किया चुनाव लड़ने का ऐलान
JLKM के सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी इस बार बंगाल चुनाव में उतरेगी। मंगलवार को धनबाद अदालत में पेशी के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।
जंगल महल पर फोकस, 5-10 सीटों पर नजर
जयराम महतो ने बताया कि उनकी पार्टी खास तौर पर जंगल महल क्षेत्र पर फोकस कर रही है। यहां 5 से 10 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी है। उनका कहना है कि इस इलाके का झारखंड से गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव है, जिसका फायदा पार्टी को मिल सकता है।
असम चुनाव से बनाई दूरी
उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल उनकी पार्टी असम चुनाव नहीं लड़ेगी। इसके पीछे संसाधनों की कमी को वजह बताया गया है। यानी पार्टी फिलहाल अपनी ताकत बंगाल चुनाव पर ही केंद्रित करेगी।
पुराने मामले में पेशी, आरोपों को बताया गलत
जयराम महतो धनबाद कोर्ट में 2023 के बोकारो स्थित वेदांता स्टील प्लांट में हुए मजदूर आंदोलन से जुड़े मामले में पेश हुए थे।
इस दौरान उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सिर्फ बैनर में फोटो होने के कारण उन्हें आरोपी बना दिया गया, जबकि वे मौके पर मौजूद ही नहीं थे।
हेमंत सोरेन पर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान जयराम महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हालिया बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सभी धर्मों को साथ लेकर चलना चाहिए और संतुलित बयान देना चाहिए।
बंगाल चुनाव में नई सियासी हलचल
JLKM की एंट्री से पश्चिम बंगाल चुनाव में एक नया समीकरण बनता दिख रहा है। अब देखना होगा कि जंगल महल में पार्टी कितना असर छोड़ पाती है और यह मुकाबला कितना दिलचस्प बनता है।
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