रांची में छात्र संगठन आइसा की राष्ट्रीय नेता नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवक अमरनाथ पांडेय को रांची सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है. मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में अमरनाथ पांडेय की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अदालत ने कुछ शर्तों के साथ आरोपी को जमानत दे दी.
अदालत ने अमरनाथ पांडेय को निर्देश दिया कि वह नेहा बोरा से दूर रहेगा और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा नहीं करेगा. इन शर्तों के आधार पर कोर्ट ने उसे जमानत देने का आदेश दिया.
अधिवक्ताओं ने की जमानत की पैरवी
अमरनाथ पांडेय की ओर से अधिवक्ता कुशल कुमार, गौरव शुक्ला, क्षितिज और नेहा मेहता ने अदालत में जमानत के पक्ष में बहस की. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद CJM कोर्ट ने आरोपी को राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली.
अमरनाथ पांडेय के खिलाफ रांची के धुर्वा थाना में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस संबंध में कांड संख्या 197/2026 दर्ज किया था. इसी मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था.
बता दें कि छात्र संगठन आइसा की राष्ट्रीय नेता नेहा बोरा के साथ स्याही फेंकने की घटना के बाद मामला काफी चर्चा में आया था. घटना को लेकर छात्र संगठनों और राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं. अब कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अमरनाथ पांडेय को राहत मिली है.


