रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को लेकर झारखंड की सियासत गरमा गई है. विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बीजेपी ने झारखंड सरकार के साथ-साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया है. संसद के बाहर बीजेपी के कई सांसदों ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए और छात्रों पर हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की.
बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि झारखंड में निर्दोष छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की पार्टी कड़ी निंदा करती है. उन्होंने कहा कि अलग-अलग परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है. रविशंकर प्रसाद ने झारखंड सरकार को राहुल गांधी के समर्थन से चलने वाली सरकार बताते हुए कहा कि राहुल गांधी इस मामले पर चुप नहीं रह सकते और उन्हें जवाब देना होगा.
सांसद संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक झारखंड सरकार का हिस्सा हैं, ऐसे में राहुल गांधी की जिम्मेदारी भी बनती है. पात्रा ने राहुल गांधी से स्पष्ट करने को कहा कि अगर कार्रवाई उनके आदेश पर नहीं हुई है तो वे झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की बात स्पष्ट रूप से कहें.
बांसुरी स्वराज ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें झारखंड के युवाओं की आवाज सुनना भी मंजूर नहीं है. उन्होंने सवाल किया कि क्या झारखंड के छात्र देश के छात्र नहीं हैं. साथ ही उन्होंने संसद में गृह मंत्री को बोलने का मौका नहीं दिए जाने का भी आरोप लगाया.
अनुराग ठाकुर ने कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, वह राहुल गांधी की सोच को दिखाती है. उन्होंने राहुल गांधी पर सदन में मौजूद नहीं रहने और सुर्खियों में बने रहने के लिए राजनीति करने का आरोप लगाया.
वहीं कंगना रनौत ने सवाल किया कि आखिर छात्रों का दोष क्या था. उन्होंने कहा कि छात्र सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा की मांग कर रहे थे, फिर उनके साथ ज्यादती क्यों की गई.

मनोज तिवारी ने झारखंड में छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर राहुल गांधी से जवाब मांगा. वहीं गिरिराज सिंह ने कहा कि झारखंड के छात्रों की मांग सिर्फ CBI जांच की है, तो फिर निष्पक्ष जांच से डर क्यों है.
निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर दोहरी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड के बच्चों को पिटवाना उनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है.
बीजेपी सांसदों के इन बयानों के बाद झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है. अब सवाल यह है कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आदेश आखिर किसने दिया और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कब होगी?
Also Read: झारखंड : एक दिन पहले ही खत्म हुआ विधानसभा का मानसून सत्र, संसदीय इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा




