जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड हाईकोर्ट ने यूनाइटेड किंगडम की University of Southampton में पढ़ाई के लिए चयनित झारखंड के छात्र की 39.76 लाख की स्कॉलरशिप राशि अब तक जारी नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने राज्य उच्च शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है कि 5 अक्टूबर 2026 तक छात्र को पूरी स्कॉलरशिप राशि जारी की जाए. ऐसा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को अगली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी. यह आदेश हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को Sanat Jha की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया.
Southampton में B. Engineering के लिए हुआ है चयन
याचिकाकर्ता सनत झा, रांची के कांके क्षेत्र के रहने वाले हैं. उन्होंने University of Southampton, United Kingdom में तीन वर्षीय B. Engineering, Software (Computer Science and Information System) कोर्स में दाखिले के लिए चयन हासिल किया है. छात्र ने झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी 9 जुलाई 2024 के संकल्प के तहत स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था.
आवेदन पर विचार के बाद Jharkhand State Higher Education Council के Executive Director ने 9 सितंबर 2026 को छात्र के पक्ष में स्कॉलरशिप की स्वीकृति जारी की. इसके साथ ही 39,76,655.20 की स्कॉलरशिप राशि के भुगतान के लिए भी पत्र जारी किया गया था.
याचिका में कहा गया कि स्कॉलरशिप स्वीकृत होने और भुगतान का पत्र जारी होने के बावजूद राशि छात्र को नहीं मिली. इस वजह से वह Southampton University की फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं.
छात्र के वकील ने कोर्ट को बताया कि यूनिवर्सिटी में फीस जमा करने की अंतिम तारीख पहले 21 सितंबर 2026 थी. छात्र के अनुरोध पर यूनिवर्सिटी ने इसे बढ़ाकर 5 अक्टूबर 2026 कर दिया है. इसके बावजूद स्कॉलरशिप राशि जारी नहीं की गई.

HC ने कहा- छात्र के करियर के प्रति असंवेदनशीलता गंभीर चिंता का विषय
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य उच्च शिक्षा परिषद की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई. कोर्ट ने कहा कि संबंधित अधिकारी की इस तरह की असंवेदनशीलता एक मेधावी छात्र के उज्ज्वल करियर को प्रभावित कर सकती है.
साथ ही इससे राज्य सरकार की उस लाभकारी नीति का उद्देश्य भी प्रभावित होता है, जिसके तहत मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
हालांकि, कोर्ट ने तत्काल कोई कड़ा आदेश पारित करने के बजाय संबंधित अधिकारी को एक और अवसर दिया है.
भुगतान नहीं हुआ तो अधिकारी को कोर्ट में होना होगा पेश
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि छात्र को 39,76,655.20 की पूरी स्कॉलरशिप राशि 5 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में जारी की जाए. भुगतान की जानकारी छात्र और राज्य के अधिवक्ता को भी देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही संबंधित अधिकारी को अगली सुनवाई से पहले इस संबंध में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने को कहा गया है.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगर 5 अक्टूबर तक स्कॉलरशिप की राशि जारी नहीं की जाती है, तो संबंधित अधिकारी को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर देरी का कारण बताना होगा. मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी.
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