Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»झारखंड»झारखंड लोकसभा चुनाव : राजनीतिक परिदृश्य बना शतरंज का खेल, इंडी गठबंधन के सामने 3 चुनौतियां, राह नहीं होगी आसान
    झारखंड

    झारखंड लोकसभा चुनाव : राजनीतिक परिदृश्य बना शतरंज का खेल, इंडी गठबंधन के सामने 3 चुनौतियां, राह नहीं होगी आसान

    Team JoharBy Team JoharApril 13, 2024Updated:April 13, 2024No Comments5 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    स्वामी दिव्यज्ञान

    रांची : झारखंड में लोकसभा का माहौल तैयार है. यहां का राजनीतिक परिदृश्य एक जटिल शतरंज की बिसात जैसा है, जहां हर चाल मायने रखती है. जो जटिल गठबंधनों, रणनीतिक पैंतरेबाज़ी और बदलती चुनावी गतिशीलता से आकार ले रहा है. ऐसे में रणनीतिक निर्णय और वोटर्स की नब्ज को जानना-समझना भी जरूरी हो जाता है. राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, ऐसी रणनीतियों की स्थिरता और झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य पर दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में सवाल बने हुए हैं. क्या भाजपा की सामरिक चालें वांछित परिणाम देंगी, या इंडी गठबंधन राजनीति की अंतर्निहित जटिलताएं उसे बर्बाद करने वाली साबित होंगी या इंडी गठबंधन को मजबूत बनाएगा?

    इंडी गठबंधन के सामने ये 3 बड़ी चुनौती

    आज की अवधारणा में, तीन लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है – लोहरदगा, राजमहल और कोडरमा. प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारी की घोषणा की है. लेकिन इन तीन निर्वाचन क्षेत्र में विपक्षी दलों के वोटों में विभाजन की संभावना पैदा हो सकती है.

    लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र : सुखदेव भगत के वोट विभाजित होने की संभावना

    लोहरदगा निर्वाचन क्षेत्र में, झारखण्ड मुक्तिमोर्चा के स्थानीय विधायक चमरा लिंडा की लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा से इंडी गठबंधन के अधिकृत उम्मीदवार सुखदेव भगत के वोट विभाजित होने की संभावना पैदा हो गई है. इंडी गठबंधन के सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के द्वारा अगर इस समस्या का निवारण नहीं हुआ तो बीजेपी प्रत्याशी समीर उरांव को बढ़त मिलने की उम्मीद बन सकती है. चमरा लिंडा राजनीति के मंजे हुए खिलाड़ी है और पिछले कुछ लोकसभा चुनाव से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं. संभवत: उनके द्वारा लाए गए मत वर्तमान इंडी एलायंस के मतों को विभाजित करते रहे और जीत भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी की होती रही है.

    राजमहल लोकसभा क्षेत्र : लोबिन हेम्ब्रम और विजय कुमार हांसदा के बीच हो सकता वोटों का बंटवारा

    इसी तरह राजमहल लोकसभा क्षेत्र में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से बोरियो के विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी है. इससे उनके और गठबंधन के उम्मीदवार विजय कुमार हांसदा के बीच वोटों का बंटवारा हो सकता है. वोटो का बंटवारा अगर होता है तो इसका फायदा फिर बीजेपी प्रत्याशी ताला मरांडी को सीधा होता नजर आएगा.

    लोबिन हेम्ब्रम एक कुशल राजनेता है और अपने विधानसभा में अच्छी खासी पकड़ है. कुछ दिनों से झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी के विरुद्ध 2-4 वक्तव्य देते नजर आए थे. अगर इंडी गठबंधन को चुनाव जीतना है तो लोबीन हेंब्रम को मनाना बहुत जरूरी है क्योंकि राजमहल लोकसभा क्षेत्र में हमेशा कांटे की टक्कर होती रही है एक समय ऐसा भी आया था कि जीत और हार का अंतर मात्र 9 वोटो का था.

    कोडरमा लोकसभा क्षेत्र : अन्नपूर्णा देवी को होगा फायदा

    कोडरमा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में, पूर्व विधायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता जयप्रकाश वर्मा संभावित रूप से एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं. इससे उनके और इंडी गठबंधन के कोडरमा लोकसभा उम्मीदवार और सीपीआई (एमएल) नेता विनोद सिंह के बीच वोट बंटने की संभावना बढ़ गई है. नतीजतन, इसका फायदा बीजेपी उम्मीदवार अन्नपूर्णा देवी को मिल सकता है.

    जयप्रकाश वर्मा के मामले का विश्लेषण दूसरे नजरिये से भी करने की भी जरूरत है. अगर वह चुनाव लड़ते हैं तो इससे बीजेपी को अपने परम्परागत कोइरी समाज के वोटस का नुकसान हो सकता है. किसी अभी पार्टी का परंपरागत वोटर उसे वोट नहीं करेगा तो वह उसे पार्टी का ही नुकसान माना जाएगा. सूत्रों के मुताबिक कोइरी समुदाय, वर्तमान सांसद अन्नपूर्णा यादव से काफ़ी नाराज है, ऐसे में इंडी गठबंधन इस आस में था कि कोइरी समाज का वोट उसके प्रत्याशी सीपीआईएमएल के विनोद सिंह को मिलेगा. जयप्रकाश वर्मा के निर्दलीय चुनाव लड़ने से बीजेपी से नाराज कोइरी मतदाता जयप्रकाश वर्मा को वोट कर सकते हैं यानी नाराज कोइरी वोट इंडी गठबंधन को जाने के बजाय एक निर्दलीय प्रत्याशी को चला जाएगा इससे बीजेपी को फायदा हो सकता है और उनके उम्मीदवार जीत के करीब होगी.

    विश्लेषण के कुछ दृष्टिकोण ये भी

    एक नजरिया यह बताता है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने विधायकों या नेताओं के बीच अनुशासन कायम नहीं रख पा रही है. दूसरा परिप्रेक्ष्य कांग्रेस, झामुमो कार्यकर्ताओं और इंडी गठबंधन कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और सद्भाव की कमी को उजागर करता है.

    कुछ विश्लेषकों का मानना ​​है कि बीजेपी इन कमजोर सीटों के लिए पहले से ही रणनीति बना रही थी. उनके पास ऐसे पेशेवर थे जो मानते थे कि इन सीटों को सीधे जीतना मुश्किल हो सकता है लेकिन वोटों के बंटवारे से जीत हो सकती है. इस प्रकार, राजमहल में लोबिन हेम्ब्रम, लोहरदगा में चमरा लिंडा और कुछ हद तक कोडरमा में जयप्रकाश वर्मा के लिए एक अप्रत्यक्ष रणनीति तैयार की गई है, जिसको साबित करना मुश्किल है लेकिन संभावना निश्चित हो सकती है.

    इसे भी पढ़ें: रांची में लाइसेंसी हथियार जमा करने की अंतिम तिथि आज, वरना होगी कार्रवाई

    #Jharkhand News City News Current News Daily News Indi Alliance jharkhand Jharkhand Lok Sabha Elections Johar Live Latest news Local News Main News News Headline ranchi Today's News आज की खबर इंडी गठबंधन करंट न्यूज जोहार लाइव झारखंड झारखंड की खबर झारखंड न्यूज झारखंड लोकसभा चुनाव डेली न्यूज ताजा खबर न्यूज हेडलाइन मुख्य समाचार रांची लेटेस्ट न्यूज सिटी न्यूज स्थानीय खबर
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleकांग्रेस ने बीजेपी को फिर लिया निशाने पर, हिम्मत है तो 10 साल के रिपोर्ट कार्ड पर बात करे
    Next Article 5 बैंक दे रहे बंपर ऑफर, फिक्स्ड डिपॉजिट करने पर होगा बड़ा फायदा

    Related Posts

    आदिवासी

    झारखंड : हेमंत सोरेन को मरांग बुरु धर्मगाढ़ और अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म सम्मेलन का न्योता

    October 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    शहादत की यादें, 24 साल का सफर और पुलिस परिवार का दर्द… सिमडेगा DC कंचन सिंह की कलम से”

    October 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    बिहार : जदयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निकाला, नीलम देवी की सदस्यता भी रद्द

    October 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मोदी का नेतृत्व होना हमारे लिए वरदान है, झारखंड में भगवा न लहराना खटकता हैः क्या नितिन नबीन ने झारखंड बीजेपी में भर दी आत्मविश्वास की चाबी?

    October 24, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    झारखंड के रास्ते सुगम होगा बिहार-ओडिशा का सफर: रांची और जमशेदपुर समेत कई रूटों पर बस चलाने की तैयारी, जानें डिटेल्स

    October 24, 2026
    क्राइम

    झारखंड : धनबाद जेल का प्रभार लेने से किया इनकार, बेसरा निशांत रॉबर्ट की वेतनवृद्धि रोकी

    October 24, 2026
    Latest Posts

    झारखंड : हेमंत सोरेन को मरांग बुरु धर्मगाढ़ और अंतरराष्ट्रीय संताल सरना धर्म सम्मेलन का न्योता

    October 24, 2026

    जामिया में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर बवाल: टेंट उखाड़े जाने का आरोप, छात्रों और सुरक्षाकर्मियों में टकराव

    October 24, 2026

    शहादत की यादें, 24 साल का सफर और पुलिस परिवार का दर्द… सिमडेगा DC कंचन सिंह की कलम से”

    October 24, 2026

    ओडिशा : आदिवासियों का इलाज करने पहुंचे थे डॉक्टर, हो गई जेल

    October 24, 2026

    बिहार : जदयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निकाला, नीलम देवी की सदस्यता भी रद्द

    October 24, 2026

    Powered by Feralvoice.

    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.