किसलय शानू
झारखंड के 24 जिलों के एसपी इन दिनों अत्यधिक व्यस्त चल रहे हैं. वक्त नहीं है उनके पास वक्त नहीं है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशों का पालन करने के लिए. वक्त नहीं है अपने ही डीजीपी के आदेशों पर अमल करने के लिए. खैर, आईपीएस हैं, इन सब चीज के लिए हिम्मत भी है.
बहरहाल, पूरा मामला ये है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्र की बात भी झारखंड के पुलिस अधिकारी समय पर नहीं सुन रहे हैं. इस बात का खुलासा सीआइडी मुख्यालय के द्वारा रांची, धनबाद और जमशेदपुर एसएसपी के अलावा सभी जिलों के एसपी को भेजे गये एक पत्र से हुआ है. निर्देश का अनुपालन नहीं करने की वजह से सीआइडी मुख्यायल के द्वारा सभी जिलों के एसपी को रिमाइंडर तक भेजना पड़ रहा है.
सीआइडी मुख्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार 9 जनवरी 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में नौंवी एपेक्स लेबल एनकॉर्ड कमेटी की बैठक हुई थी. इसमें झारखंड सहित सभी राज्यों को निर्देश दिया गया था कि जब्त मादक पदार्थ के निस्तारण में तेजी लाया जाये और इसके लिए स्पष्ट योजना तैयार की जाये.
जिसके बाद एनसीबी के द्वारा आठ जून को झारखंड पुलिस सहित अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा गया था और 26 जून से 10 जुलाई तक अभियान चलाकर जब्त मादक पदार्थ को नष्ट करने का निर्देश दिया था.
इसके आधार पर सीआइडी ने सभी जिलों के एसपी को 16 जून को पत्र लिखा था कि जब्त किये गये मादक पदार्थ, साइकोट्रॉपिक एवं नियंत्रित पदार्थ को नष्ट करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था जब्त मदार्थ को लेकर रपोर्ट मांगी गयी थी.
रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण डीजीपी नाराज
सीआइडी मुख्यालय को जब ममाले में रिपोर्ट नहीं मिली, तब सीआइडी मुख्यालय ने 29 जून को सभी जिलों के एसपी को रिमाइंडर भेजा. यह लिखते हुए कि 26 जून से लेकर 10 जुलाई तक केस में जब्त मादक पदार्थ के निपटाव हेतु विशेष अभियान चलाये जाने की सूचना देते संभावित मादक पदार्थों के निपटाव के लिए आप सभी से रिपोर्ट मांगी गयी थी. लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं मिल है.
केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित 20 जून 2026 को 10वीं एपेक्स लेबल एनकॉर्ड की मीटिंग में फिर से कई बिंदु पर जानकारी मांगी गयी. जिसमें जब्त मादक पदार्थ का निपटाव भी एक प्रमुख बिंदु है. जिला के द्वारा समय पर वांक्षित रिपोर्ट नहीं भेजे जाने की वजह से डीजीपी के द्वारा असंतोष जाहिर किया गया है और अविलंब रिपोर्ट की मांग गयी है.
सीआइडी ने रिपोर्ट भेजने के लिए सभी जिलों के एसपी को एक फॉरमेंट तैयार उपलब्ध कराया है. इसमें जिला का नाम और थाना के अलावा किस धारा में केस हुआ है. इसके बारे भी जानकारी मांगी गयी है. इसके साथ ही जब्ती के समय जब्त मादक पदार्थ का वजन, निपटाव किये गये जब्त मादक पदार्थ का विवरण और निपटाव की तिथि के बारे भी जानकारी मांगी गयी है.
जिन जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया जाना है, उसमें अफीम, मोरफीन, हीरोइन, डोडा, गांजा, हाइड्रोफोनिक विड, चरस/हशिश शामिल है. इसके अलावा हशिश तेल, कोकिन, एमडीएमए, एलएसडी, डीएमटी, फेंटाइल, केटामाइन समेत सभी प्रकार के टैबलेट हैं.
पुलिस मुख्यालय की ओर से समय-समय पर दी गई जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024 में पुलिस ने 6617 किलोग्राम से अधिक गांजा, 121 किलो से अधिक अफीम, 122 किलो से अधिक ब्राउन शुगर तथा 50,712 किलो से अधिक डोडा जब्त किया गया था. इसके अलावा बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप, टैबलेट, इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थ भी बरामद किए गए थे.
वहीं वर्ष 2025 में पुलिस ने 2706 किलोग्राम से अधिक गांजा, 191 किलोग्राम अफीम, 9.6 किलोग्राम ब्राउन शुगर तथा 26,982 किलोग्राम डोडा जब्त किया था. इसके अलावा हजारों बोतल नशीले सिरप, कैप्सूल, टैबलेट और इंजेक्शन भी बरामद हुए थे.
जबकि वर्ष 2026 में जनवरी से लेकर मई माह तक पांच महीने में 3,337 किलोग्राम से अधिक गांजा, 119 किलोग्राम अफीम, 2.7 किलोग्राम ब्राउन शुगर और 8,757 किलोग्राम डोडा जब्त किया गया है.
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