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रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने आज उस याचिका पर सुनवाई की जिसमें पूर्व रघुवर सरकार के 5 मंत्रियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए गुहार लगाई गयी है। याचिका पर आज सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और एंटी करप्शन ब्यूरो से जवाब तलब किया है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने इस संबंध में 4 सप्ताह के भीतर इस संबंध में शपथ पत्र दाखिल करने का आदेश जारी किया है। बता दें कि यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता पंकज यादव की ओर से वर्ष 2020 में दाखिल की गई थी। इसमें कहा गया है कि पूर्व मंत्री अमर कुमार बाउरी, नीरा यादव, नीलकंठ सिंह मुंडा, लुईस मरांडी और रणधीर सिंह की संपत्ति में बहुत कम समय में अप्रत्याशित इजाफा हुआ। यादव ने इसे भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए एसीबी से जांच की गुहार लगाई है।
दायर याचिका में यादव ने प्रमाण के रूप में निर्वाचन आयोग के समक्ष पूर्व मंत्रियों की संपत्ति के विवरण से संबंधित दाखिल शपथ पत्र का हवाला दिया था। इसमें बताया गया था कि वर्ष 2014 में अमर बाउरी की संपत्ति 7.33 लाख थी, जो 2019 में 89.41 लाख हो गई। इसी प्रकार रणधीर कुमार सिंह की ओर से 2014 में घोषित 78.92 लाख की संपत्ति साल 2019 में बढ़कर 5.06 करोड़ हो गई। इन्हीं 5 वर्षों के दौरान नीरा यादव की संपत्ति 80.59 लाख से बढ़कर 3.65 करोड़, लुईस मरांडी की संपत्ति 2.25 करोड़ से बढ़कर 9.06 करोड़, नीलकंठ सिंह मुंडा की संपत्ति 1.46 करोड़ से बढ़कर 4.35 करोड़ हो गई।
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