किशलय शानू
झारखंड का चतरा, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, रांची जैसे जिले अफीम सहित अन्य नशीली पदार्थों के उत्पादन, खरीद और बिक्री के लिए आए दिन चर्चा में रहता रहा है. बीते 25 जून को झारखंड सरकार ने इसके खिलाफ एक अभियान शुरू किया है. खरीद-बिक्री और उत्पादन के बीच पुलिस लगातार अफीम के फसलों को साल-दर-साल नष्ट करती आ रही है.
झारखंड पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते ढाई साल में कुल 2627 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वहीं नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत कुल 1941 मामले दर्ज किए गए हैं. वहीं अफीम की खेती से संबंधित आंकड़ों को देखें तो 390 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा इन्हीं मामलों में कुल 285 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.
वर्ष 2024 में 803 मामले हुए दर्ज
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में 803 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए. वहीं, इस मामले में 1,062 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई. इस दौरान 6,617 किलोग्राम से अधिक गांजा, 121 किलो से अधिक अफीम, 122 किलो से अधिक ब्राउन शुगर तथा 50,712 किलो से अधिक डोडा जब्त किया गया है. इसके अलावा बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप, टैबलेट, इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थ भी बरामद किए गए.
वर्ष 2025 में दर्ज मामलों में आई कमी
पुलिस के आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2024 के मुताबिक वर्ष 2025 में हुए दर्ज मामलों में कमी आई है. इस वर्ष पुलिस ने 782 मामले दर्ज कर 994 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. इस दौरान 2,706 किलोग्राम से अधिक गांजा, 191 किलोग्राम अफीम, 9.6 किलोग्राम ब्राउन शुगर तथा 26,982 किलोग्राम डोडा जब्त किया है. इसके अलावा हजारों बोतल नशीले सिरप, कैप्सूल, टैबलेट और इंजेक्शन भी बरामद हुए.
वर्ष 2026 के आंकड़े चौकानें वाले
पुलिस के अनुसार विगत दो वर्षों की तुलना में वर्ष 2026 के आंकड़े चौंकाने वाले साबित हो रहे है. जनवरी 2026 से लेकर मई 2026 तक पांच महीने में 356 मामले दर्ज हो चुके है. जबकि, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 571 लोगों की गिरफ्तारी भी कर चुकी है. इस दौरान 3,337 किलोग्राम से अधिक गांजा, 119 किलोग्राम अफीम, 2.7 किलोग्राम ब्राउन शुगर और 8,757 किलोग्राम डोडा जब्त किया गया है. यह दर्शाता है कि पुलिस की कार्रवाई लगातार प्रभावी बनी हुई है.
राज्य पुलिस के वरीय अधिकारियों के मुताबिक नशे खिलाफ पुलिस पूरी सख्ती बरत रही है. सूचना मिलने पर राज्यभर में कार्रवाई के जरिए अफीम की खेती को नष्ट किया जा रहा है. साथ ही विभिन्न शहरों में नशे के कारोबारियों के खिलाफ भी किसी तरह की ढ़िलाई नहीं बरती जा रही है.
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