मुस्कान चौधरी
रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सात परिवारों की खुशियां छीन लीं. लारी गांव के पास होटल सम्राट के निकट रात करीब 11:30 बजे तेज रफ्तार ट्रक और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई. हादसा इतना भीषण था कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. जानकारी के मुताबिक, पिकअप में सवार सभी लोग ताशा पार्टी के सदस्य थे. वे मुहर्रम का कार्यक्रम पूरा कर गोला से अपने गांव लौट रहे थे. रास्ते में लारी बुध बाजार के पास सामने से तेज गति में आ रहे कोयला लदे ट्रक ने पिकअप को सीधी टक्कर मार दी. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत राहत-बचाव में जुट गए. हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को पहले रामगढ़ सदर अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए रांची के रिम्स रेफर कर दिया गया है.
ट्रक चालक फरार, पुलिस ने वाहन किया जब्त
पुलिस के अनुसार, पिकअप वाहन (JH-02Q-8268) गोला से रामगढ़ की ओर जा रहा था, जबकि दूसरी दिशा से तेज रफ्तार में कोयला लदा एलपी ट्रक (जेएच-02एए-4786) आ रहा था. टक्कर के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. फरार चालक की तलाश की जा रही है. बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वालों में दो युवक रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के मारंगमरचा गांव के रहने वाले थे, जबकि पांच लोग कुजू के बलसगरा गांव के निवासी थे. सभी की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष के बीच थी. हादसे की खबर मिलते ही दोनों गांवों में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
हादसे के बाद रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई. शुक्रवार अल सुबह तक यातायात प्रभावित रहा. इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को सामान्य कराया.
देश में सड़क हादसे बड़ी चुनौती : नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में बढ़ते सड़क हादसों पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसे एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बताया. संसद में अपने संबोधन में कहा कि आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक साल में लगभग 4.8 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.8 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है. उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि सड़क दुर्घटनाओं के मामले में सबसे खराब रिकॉर्ड हमारे ही देश का है.
उनके अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की है. उन्होंने कहा कि करीब 60 प्रतिशत मृतकों की उम्र 18 से 34 वर्ष के बीच होती है, यानी वे लोग जो पढ़ाई, नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के दौर में होते हैं. कुछ अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के 66.4 प्रतिशत लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं. गडकरी ने इस पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यही आयु वर्ग देश की अर्थव्यवस्था, विकास और भविष्य की रीढ़ है. उन्होंने यह भी बताया कि सड़क हादसों की वजह से भारत को हर साल अपनी जीडीपी का लगभग 3 प्रतिशत नुकसान झेलना पड़ता है.
बीते पांच सालों में झारखंड के सड़क हादसों का हाल
| वर्ष | सड़क दुर्घटनाएं | मौतें | घायल |
|---|---|---|---|
| 2021 | 4,728 | 3,513 | 3,227 |
| 2022 | 5,180+ | 3,898 | उपलब्ध नहीं |
| 2023 | 5,315 | 4,173 | 3,585 |
| 2024 (नवंबर तक) | 4,664 | 3,659 | 2,932 |
| 2025 (केवल घातक हादसे) | 124 घातक सड़क दुर्घटनाएं | 137 | उपलब्ध नहीं |
भारत में पिछले पांच सालों (2020 से 2024 के बीच) में सड़क हादसों की वजह से 8 लाख से ज़्यादा लोगों की दर्दनाक मौत हुई है और लगभग 23 लाख से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हर साल औसतन 4.5 से 5 लाख दुर्घटनाएं दर्ज किए जाते हैं. पिछले पांच वर्षों के प्रमुख आंकड़े –

