धनबाद: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के निदेशक मंडल की 448वीं बैठक रविवार, 25 अक्टूबर को हुई. बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई. कंपनी ने इसकी जानकारी शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना में दी है.
बीसीसीएल के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर बैठक से पहले कंपनी के मुनाफे में लौटने की चर्चा थी. हालांकि, कंपनी के वास्तविक शुद्ध मुनाफे और पहली छमाही के कुल वित्तीय प्रदर्शन की स्पष्ट तस्वीर के लिए आधिकारिक वित्तीय विवरण के आंकड़े अहम हैं. उपलब्ध सूचना से बैठक और नतीजों को मंजूरी मिलने की पुष्टि होती है, लेकिन इससे अकेले मुनाफे की राशि स्पष्ट नहीं होती.
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बीसीसीएल को 68.09 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था. इस तिमाही में कंपनी का परिचालन से राजस्व 3,587.27 करोड़ रुपये रहा था. ऐसे में सितंबर तिमाही के नतीजे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में बदलाव का आकलन करने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं.
दूसरी तिमाही के नतीजों से यह पता चलेगा कि कंपनी राजस्व और परिचालन प्रदर्शन के मोर्चे पर कितनी मजबूती हासिल कर पाई है. हालांकि, मुनाफे में वापसी का दावा करने के लिए सितंबर तिमाही के शुद्ध लाभ या घाटे का आधिकारिक आंकड़ा देखना जरूरी है.
कोल इंडिया के नतीजे 29 अक्टूबर को
बीसीसीएल की मूल कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल की बैठक 29 अक्टूबर को प्रस्तावित है. इस बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा. कंपनी के दूसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा पर भी फैसला हो सकता है.
कोल इंडिया ने जुलाई 2026 में 5.50 रुपये प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था. दूसरे अंतरिम डिविडेंड की राशि और रिकॉर्ड डेट को लेकर अंतिम निर्णय बोर्ड की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा.
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