Pakur : राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को झारखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सेवाएं दे रहे योग प्रशिक्षकों ने अपना ज्ञापन सौंपा है। प्रशिक्षकों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मिलने वाला मानदेय इतना कम है कि इससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
मानदेय इतना कम कि परिवार चलाना मुश्किल
वर्तमान में प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 5,000 से 8,000 रुपये मिल रहे हैं, जो दैनिक मजदूरी से भी कम है। योग प्रशिक्षकों का कहना है कि इतने कम वेतन में उनके परिवार का खर्च चलाना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने राज्य सरकार से मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग की है, ताकि उनके मेहनत और जिम्मेदारियों के अनुरूप उन्हें उचित भुगतान मिल सके।
यात्रा भत्ता की भी उठाई मांग
योग प्रशिक्षकों ने बताया कि उन्हें रोजाना अनिवार्य रूप से सेंटर पर उपस्थित होना पड़ता है। कई प्रशिक्षकों के सेंटर उनके निवास से 40 से 50 किलोमीटर दूर हैं। आने-जाने में ही उनका मानदेय का 40-50 प्रतिशत खर्च हो जाता है। इसके अलावा, रोजाना 3 से 4 घंटे यात्रा में ही बीत जाते हैं, जबकि सेंटर पर उनकी ड्यूटी 6 घंटे तक होती है। प्रशिक्षकों का कहना है कि इस मेहनत के बदले उन्हें मिलने वाला प्रोत्साहन राशि नगण्य है।
दो सूत्री मांगें: वेतन और यात्रा भत्ता
योग प्रशिक्षकों ने स्वास्थ्य मंत्री से ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें रखी हैं। वे मांग करते हैं कि उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए और साथ ही कार्यस्थल की दूरी को ध्यान में रखते हुए उन्हें यात्रा भत्ता प्रदान किया जाए। प्रशिक्षकों का कहना है कि ये सुधार उनके जीवन स्तर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं।
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