New York: पश्चिमी देश जिस ईरान को अब तक आर्थिक प्रतिबंधों और आंतरिक दबावों के बीच एक ‘कमजोर’ देश मानकर चल रहे थे, आज वही तेहरान वैश्विक राजनीति के पटल पर एक नई महाशक्ति के रूप में उभरकर सामने आया है। मशहूर अमेरिकी रणनीतिकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ रॉबर्ट पेप ने इस कड़वे सच को दुनिया के सामने रखते हुए कहा है कि अब ईरान को लेकर दुनिया का नजरिया पूरी तरह बदल चुका है।
पेप ने अमेरिकी टीवी शो ‘मॉर्निंग जो’ की चर्चा का हवाला देते हुए बताया कि जहां पहले पश्चिमी मीडिया और नीति-निर्धारक इस बात पर बहस करते थे कि ईरान कितना कमजोर हो चुका है, वहीं अब बहस का केंद्र पूरी तरह बदल गया है; आज चर्चा इस बात पर केंद्रित है कि ईरान के नियंत्रण वाले ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) का क्या होगा और ईरान के साथ नेगोशिएशन की मेज पर किस तरह से बातचीत की जाए। पेप का स्पष्ट मानना है कि ईरान अब महज एक क्षेत्रीय खिलाड़ी नहीं, बल्कि ग्लोबल पावर का एक ‘चौथा केंद्र’ बन चुका है, जिसे नजरअंदाज करना अब नामुमकिन है।
उन्होंने पश्चिमी देशों और अमेरिका के सामने एक गंभीर चुनौती पेश की है, जिसे वे ‘द एस्केलेशन ट्रैप’ (बढ़ते तनाव का जाल) कहते हैं। उनके मुताबिक, दुनिया अब एक खतरनाक दोराहे पर खड़ी है । जहाँ या तो वैश्विक ताकतें ईरान की इस नई हकीकत को स्वीकार कर कूटनीति का रास्ता अपनाएं, या फिर इस दबदबे को तोड़ने के लिए किसी ऐसे युद्ध का जोखिम उठाएं जिसकी भयंकर कीमत पूरी मानवता को चुकानी पड़ सकती है। साफ़ है कि ईरान ने अपनी रणनीतिक ताकत से दुनिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि तेहरान को डराकर किनारे नहीं किया जा सकता।
‘पावर गेम’: बिना युद्ध लड़े दुनिया की नब्ज पर कैसे जमाया कब्जा
मशहूर अमेरिकी रणनीतिकार रॉबर्ट पेप का मानना है कि वैश्विक राजनीति में ईरान को लेकर एक बहुत बड़ा और गहरा बदलाव आया है। अब दुनिया ईरान को महज ‘सुलझाई जाने वाली एक समस्या’ के रूप में नहीं देख रही, बल्कि उसे एक ऐसी ‘महाशक्ति’ के रूप में स्वीकार कर रही है जिसका लोहा मानना अब मजबूरी बन चुका है। पेप ने दो हफ्ते पहले जो बात कही थी, वह आज एक कड़वी सच्चाई बनकर उभर रही है तब उन्होंने लिखा था कि ईरान बिखर नहीं रहा, बल्कि वह एक टिकाऊ ताकत बनता जा रहा है।
पेप के मुताबिक, इस नई ताकत के पीछे ईरान के हाथ में एक ऐसी ‘चाबी’ है, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है: वह है ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’। यह दुनिया का वह संकरा समुद्री रास्ता है जहां से हर दिन लगभग 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, जो दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का करीब 25 फीसदी है। एशिया से लेकर खाड़ी देशों तक की अर्थव्यवस्था इसी रास्ते पर टिकी है, और पेप का स्पष्ट कहना है कि जो भी देश इस ‘चोकपॉइंट’ को कंट्रोल करता है, वह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की ताकत रखता है।
इस शक्ति के प्रदर्शन के लिए ईरान ने बेहद स्मार्ट रणनीति अपनाई है, जिसे पेप ‘दबदबा’ नहीं बल्कि ‘डिनायल’ की नीति कहते हैं। ईरान को इस समुद्री रास्ते को बंद करने की कोई जरूरत नहीं है; इसके बजाय, वह अपनी मिसाइलों, ड्रोन्स, समुद्री सुरंगों और अपनी भौगोलिक स्थिति का इस्तेमाल करके वहां एक ऐसा ‘खतरा’ बनाए रखता है कि पूरी दुनिया में ‘अनिश्चितता’ का खौफ पैदा हो जाता है। ईरान ने बिना रास्ता ब्लॉक किए ही, केवल उस डर के दम पर दुनिया के व्यवहार को बदलने के लिए मजबूर कर दिया है। यह साबित करता है कि ईरान अब वैश्विक मंच पर उस ‘पावर सेंटर’ में बदल चुका है, जिसे नजरअंदाज करना अब किसी के लिए भी संभव नहीं है।
This morning on Morning Joe, something subtle but profound happened
For an hour, the discussion wasn’t whether Iran had been weakened
It was about the Strait of Hormuz, negotiations, and what happens now that Iran can’t be ignored
That’s a shift pic.twitter.com/demDB5qBCg
— Robert A. Pape (@ProfessorPape) April 20, 2026
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