सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए ‘India’s got latent’ मामले से जुड़ी सभी FIR और आपराधिक कार्यवाही खत्म कर दी है. मामला शो के दौरान दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक और असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़ा था.
CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने 14 अगस्त को कहा कि आरोपियों ने कोर्ट के पहले दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने की दिशा में जरूरी कदम उठाए हैं. इसी आधार पर FIR और संबंधित आपराधिक कार्यवाही रद्द करने का आदेश दिया गया.
कोर्ट ने दिए थे सामाजिक कार्य के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने पहले समय रैना समेत पांच कॉमेडियनों को दिव्यांग व्यक्तियों की उपलब्धियों को सामने लाने और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए फंड जुटाने से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने को कहा था. इसका उद्देश्य आरोपियों के सोशल मीडिया प्रभाव का इस्तेमाल जागरूकता और सामाजिक हित में करना था.
जुलाई में लगाया था 3-3 लाख रुपये का जुर्माना
जुलाई 2026 में कोर्ट ने निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं होने पर समय रैना समेत पांचों पर 3-3 लाख रुपये की जुर्माना लगाई थी. कोर्ट ने तब कड़ी नाराजगी जताते हुए अनुपालन संबंधी हलफनामा दाखिल करने का एक और मौका दिया था.
अब कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने निर्देशों के अनुपालन की दिशा में जरूरी कदम उठाए हैं. हालांकि, FIR रद्द करने का मतलब यह नहीं है कि कोर्ट ने विवादित टिप्पणियों को सही ठहराया है.
2025 में शुरू हुआ था विवाद
इंडियाज गॉट लैटेंट के एक एपिसोड की क्लिप वायरल होने के बाद फरवरी 2025 में विवाद शुरू हुआ था. इसके बाद कई राज्यों में FIR दर्ज हुईं और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. शुक्रवार के आदेश के साथ इस मामले से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही पर कानूनी तौर पर विराम लग गया है.
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