अरुणाचल प्रदेश के तकसिंग (Taksing) सेक्टर को लेकर अब सीमा विवाद के साथ सियासी घमासान भी तेज हो गया है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि अरुणाचल के कई इलाकों में चीनी सेना ने भारतीय जवानों को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया है. राहुल गांधी ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार चीन को रोकने के बजाय इस खबर को सामने आने से रोकने के लिए मीडिया पर दबाव बना रही है.
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चुप्पी पर भी सवाल उठाया. उन्होंने गलवान के बाद प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि चीन ने भारत की जमीन का एक इंच भी नहीं लिया.
तकसिंग से क्यों उठे सवाल?
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अरुणाचल के ऊपर सुबनसिरी(Upper Subansiri) जिले के तकसिंग इलाके को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से चिंता जताई जा रही है. पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की चार सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने तकसिंग इलाके का दौरा किया. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में PLA की कथित गतिविधियों और कुछ प्रमुख पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक भारतीय सुरक्षा बलों की पहुंच प्रभावित होने का दावा किया है. रिपोर्ट में Shera-5 का भी जिक्र है.
यानी राहुल गांधी का आरोप पूरी तरह हवा में उठाया गया बयान नहीं है, इसके पीछे अरुणाचल के स्थानीय राजनीतिक संगठन की एक फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट और सीमा क्षेत्र के लोगों की शिकायतें भी मौजूद हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
अरुणाचल के लोग क्या कह रहे हैं?
तकसिंग और आसपास के इलाकों में रहने वाले स्थानीय संगठनों का कहना है कि सीमा पर हालात को लेकर उनकी चिंता पुरानी है. नाह वेलफेयर सोसाइटी (Nah Welfare Society) ने पहले आरोप लगाया था कि PLA की गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों के पारंपरिक चरागाह, शिकार और दूसरे इलाकों तक पहुंच प्रभावित हुई है. संगठन ने तकसिंग के आसपास कई स्थानों पर चीनी गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी आरोप लगाया था.
इसी चिंता के बीच ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (AAPSU) की एक टीम तकसिंग के लिए रवाना हुई है. संगठन का मकसद मौके पर जाकर जमीनी स्थिति को समझना है.
लेकिन सरकार और सेना क्या कहती है?
यहीं से कहानी का दूसरा पक्ष सामने आता है. भारतीय सेना ने अरुणाचल में चीनी घुसपैठ और PLA के कैंप बनाए जाने की खबरों को “गलत और आधारहीन” बताया है. सेना का यह जवाब जून में Nah Welfare Society की शिकायतों के बाद आया था.
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू भी तकसिंग में चीनी घुसपैठ की खबरों को खारिज कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना सीमा की प्रभावी तरीके से सुरक्षा कर रही है.
अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नाटुंग ने भी चीनी अतिक्रमण की खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि अरुणाचल में PLA की कोई घुसपैठ नहीं हुई है.
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