Chaibasa : चाईबासा जिले में नाबालिग बच्ची से गैं’गरे’प मामले में चार साल बाद अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, चाईबासा की अदालत ने दोनों दोषियों को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 25-25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
24 मई 2022 को दर्ज हुआ था केस
यह मामला मुफ्फसिल थाना कांड संख्या 79/2022 से जुड़ा है। 24 मई 2022 को पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376DA और 506 तथा पोक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि दो युवकों ने एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसे धमकाया भी। मामले में सुनील देवगम और रवि उर्फ गोमिया पुरती को आरोपी बनाया गया था।
गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत
घटना की जानकारी मिलते ही चाईबासा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पीड़िता का बयान, मेडिकल जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य वैज्ञानिक तरीके से जुटाए। सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र तैयार कर अदालत में समर्पित किया गया।
पोक्सो केस नंबर 29/2022 में चली सुनवाई
मामले की सुनवाई पोक्सो केस संख्या 29/2022 के रूप में की गई। करीब चार वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोप साबित किए। अदालत ने साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत के फैसले को बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। पोक्सो एक्ट के तहत दी गई यह सजा बताती है कि नाबालिगों के साथ किसी भी प्रकार की दरिंदगी पर कानून कठोर कार्रवाई करता है। इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में आगे भी तेजी और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई जारी रहेगी।
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