रांची :रांची नगर निगम के जिम्मे शहर की सफाई व्यवस्था है. ऐसे में स्वीपिंग, वेस्ट कलेक्शन, सेग्रीगेशन के अलावा डंपिंग साइट तक कचरा पहुंचाने का काम रांची नगर निगम करता है. जाहिर है कि इस काम के लिए काफी संख्या में कर्मी से लेकर सुपरवाइजर तैनात किए गए है. जिससे कि शहर को साफ और स्वच्छ बनाया जा सके. अब रांची नगर निगम के अधिकारियों ने फरमान जारी किया है. जिससे कि काम नहीं करने वालों की छुट्टी होने वाली है. यूं कहे तो जो काम ढंग से नहीं करेगा उसकी नौकरी चली जाएगी. डोर टू डोर प्रापर वेस्ट कलेक्शन की शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने सख्त रूख अपनाया है.
एक ही गाड़ी में सूखा-गीला कचरा
पूरे शहर को चार जोन में बांटा गया है. इसके लिए जोनल सुपरवाइजर नियुक्त किए गए है. इसके अलावा 53 वार्ड सुपरवाइजर की बहाली हुई है. इनके सुपरविजन में वार्डों में कचरे का उठाव किया जाता है. अब सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने के साथ ही कलेक्ट करने का आदेश भी दिया गया है. लेकिन कही न कही सफाईकर्मियों और सुपरवाइजरों की लापरवाही की वजह से सेग्रीगेटेड कचरे का उठाव नहीं हो रहा है. लोग अपने घरों में कचरा तो अलग रख रहे है लेकिन कलेक्शन के लिए आने वाले कर्मी एकसाथ ही कूड़ा गाड़ी में डालकर ले जा रहे है. जिससे लोगों की मेहनत बेकार हो जा रही है.
हर दिन जरूरत 150 टन की
झिरी डंपिंग यार्ड में गेल दो कंप्रेस्ड गैस प्लांट लगा रही है. एक प्लांट पूरी तरह से बनकर तैयार है. जिसके लिए हर दिन 150 टन गीले कचरे की जरूरत है. लेकिन नगर निगम फिलहाल 50 टन हर दिन गीला कचरा दे पा रहा है. ऐसे में सूखा और गीला कचरा हर हाल में घरों से उठाव करना निगम के लिए चुनौती बन गया है. चूंकि गीला कचरा नहीं मिलने की स्थिति में बायोगैस प्लांट का संचालन नहीं हो पाएगा.

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