Jamshedpur : महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अस्पताल प्रशासन अब ICU और CCU सुविधाओं को पहले से ज्यादा सक्षम और प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गया है।
डॉक्टरों के लिए खास ट्रेनिंग वर्कशॉप
इसी कड़ी में प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में मैकेनिकल वेंटिलेटर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें डॉक्टरों को आधुनिक तकनीकों और आपात स्थिति में सही तरीके से वेंटिलेटर के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जा रही है।
देश के नामी डॉक्टर दे रहे प्रशिक्षण
इस वर्कशॉप में रांची के रिम्स से डॉ. प्रतीक भट्टाचार्य, मेदांता अस्पताल से डॉ. तापस साहू और टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) से डॉ. आशीफ व डॉ. विनिता जैसे विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। ये डॉक्टर ICU में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और गंभीर मरीजों के इलाज की बारीकियां समझा रहे हैं।
क्या है मैकेनिकल वेंटिलेटर
मैकेनिकल वेंटिलेटर एक जीवन रक्षक मशीन है, जो उन मरीजों के लिए जरूरी होती है जो खुद से सांस नहीं ले पाते। यह मशीन शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई को नियंत्रित करती है और गंभीर हालत में मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।
डॉक्टरों की दक्षता बढ़ेगी
इस प्रशिक्षण से डॉक्टरों की कार्यकुशलता में बड़ा सुधार होगा। वे इमरजेंसी मैनेजमेंट और मरीज की स्थिति के अनुसार तुरंत निर्णय लेने में सक्षम हो सकेंगे।
अब कम होंगे रेफर केस
अभी तक एमजीएम अस्पताल में करीब 40 प्रतिशत गंभीर मरीजों को बेहतर सुविधा के अभाव में बाहर रेफर करना पड़ता था। लेकिन इस पहल के बाद अस्पताल का लक्ष्य है कि इस संख्या को शून्य तक लाया जाए।
मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा
नई व्यवस्था से मरीजों को अब बाहर के अस्पतालों में भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें समय पर और बेहतर इलाज यहीं मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाने की संभावना भी बढ़ेगी।
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