लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन लंच ब्रेक के दौरान स्काई स्पोर्ट्स पर प्रसारित एक इंटरव्यू ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इतना नाराज़ कर दिया कि उसने प्रसारण रोकने की धमकी तक दे डाली. मामला जुड़ा है पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की जेल में बिगड़ती सेहत से.
पूर्व इंग्लैंड कप्तान और स्काई स्पोर्ट्स के कमेंटेटर माइकल एथर्टन ने इमरान ख़ान के दोनों बेटों, सुलेमान ख़ान और कासिम ख़ान से लॉर्ड्स के राइटर्स रूम में मुलाक़ात की और क़रीब 18 मिनट का इंटरव्यू रिकॉर्ड किया.यह इंटरव्यू इंग्लैंड-पाकिस्तान दूसरे टेस्ट के पहले दिन, लंच इंटरवल के दौरान प्रसारित हुआ.
‘जान को ख़तरा’ – बेटों का दावा
इंटरव्यू में बेटों ने बताया कि उनके पिता की एक आँख की 80 फ़ीसदी रोशनी जा चुकी है और उन्हें रोज़ाना 23 घंटे से ज़्यादा एक छोटी कोठरी में पूरी तरह अकेला रखा जा रहा है. कासिम ख़ान ने कहा कि पिछले कुछ हफ़्तों में उनके पिता की हालत काफ़ी बिगड़ी है और उनकी जान को ख़तरा है. सुलेमान ख़ान ने बताया कि अकेलेपन और तनाव के चलते उनका ब्लड प्रेशर भी बढ़ रहा है.
बेटों ने हाल की उस घटना का भी ज़िक्र किया जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान ख़ान को अस्पताल ले जाया गया था. उनके मुताबिक़ प्राइवेट अस्पताल शिफ़ा की बजाय उन्हें सरकारी मेडिकल सेंटर में कुछ घंटे रखा गया और फिर बिना ठीक इलाज के वापस जेल भेज दिया गया.
PCB की शिकायत, प्रसारण टालने का दबाव
इंटरव्यू के प्रसारण से पहले ही पीसीबी ने स्काई से संपर्क कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. ईएसपीएन क्रिकइंफो के मुताबिक़ बोर्ड ने यहाँ तक कहा कि अगर इंटरव्यू दिखाया गया तो पाकिस्तानी खिलाड़ी लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरेंगे. इस दबाव में स्काई ने प्रसारण कुछ देर के लिए टाल दिया, लेकिन आख़िरकार पूरा 18 मिनट का क्लिप दिखाया गया, तब तक पाकिस्तानी टीम दूसरे सेशन के लिए मैदान की ओर बढ़ चुकी थी.
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, पीसीबी को इस बात पर एतराज़ था कि टेस्ट सीरीज़ के आधिकारिक प्रसारक ने मौजूदा पाकिस्तान सरकार की आलोचना करने वाला इंटरव्यू हवा दिया. पाकिस्तान में पीटीवी ने यह इंटरव्यू प्रसारित नहीं किया, और पीसीबी ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय तक शिकायत पहुँचाने पर भी विचार कर रहा था.
सरकार का पलटवार, परिवार का इनकार
पाकिस्तान सरकार परिवार के इन आरोपों को पहले भी कई बार ख़ारिज कर चुकी है. हाल ही में जब इमरान ख़ान की आँख की हालत को लेकर सवाल उठे, तो सरकार ने दावा किया था कि दो डॉक्टरों के एक बोर्ड ने जांच में उनकी नज़र बेहतर होने की पुष्टि की है. इमरान ख़ान की बहन आलिमा ख़ान ने इस दावे को सिरे से नकारते हुए कहा कि जांच के दौरान न परिवार का डॉक्टर मौजूद था, न कोई पारिवारिक प्रतिनिधि, इसलिए उन्हें सरकार के इस दावे पर कोई भरोसा नहीं.
इंटरव्यू के अंत में एथर्टन ने बताया कि उनके समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर इमरान ख़ान को उचित मेडिकल इलाज दिए जाने की माँग की थी.
Also Read:2027 चुनाव : ओवैसी ने बीजेपी को घेरा, कहा- ‘मुसलमान हैं बीजेपी का सबसे बड़ा निशाना’


