Ranchi : रांची में होल्डिंग टैक्स को लेकर निगम ने अब कमर कस ली है। राजस्व शाखा की टीम अलग-अलग वार्डों में जाकर जमीन और बिल्डिंग की दोबारा मापी कर रही है। जांच में सामने आया कि कई आवेदकों ने अपने प्लॉट और बिल्डिंग का एरिया कम दिखाकर टैक्स जमा किया था। कहीं सड़क की चौड़ाई कम बताई गई, तो कहीं उपयोग का प्रकार अलग दर्ज था। निगम की टीम ने साफ कहा है कि अब हर वार्ड में भौतिक सत्यापन होगा और जो भी अंतर मिलेगा, उसकी ऑनलाइन एंट्री कर वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वार्ड 17 में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
वार्ड 17 में कई मामलों में बड़ा अंतर मिला।
- प्रभा राठौर ने 4250 वर्गफीट पर टैक्स दिया था, लेकिन मापी में 10485 वर्गफीट निकला। यानी 6235 वर्गफीट ज्यादा।
- सूर्यकांत राठौर के मामले में 2376 की जगह 3730 वर्गफीट मिला।
- संतोष राठौर के यहां 3500 की जगह 4821 वर्गफीट पाया गया।
- धीरज राठौर के मामले में 708 की जगह 2100 वर्गफीट निकला।
- मुरार जी राठौर के यहां भी 700 की जगह 1422 वर्गफीट पाया गया।
इनमें ज्यादातर मामलों में सड़क की चौड़ाई 20 फीट से कम दिखाई गई थी, जबकि मापी में 40 फीट से ज्यादा निकली।

वार्ड 6 और 4 में भी बड़ा अंतर
वार्ड 6 में मो. कैसर एजाज (आदित्य विजन) ने 9028 वर्गफीट पर टैक्स दिया था, जबकि मापी में 16834 वर्गफीट पाया गया। बैजनाथ महतो के मामले में 3595 की जगह 8576 वर्गफीट निकला। पारस नाथ महतो, जय नाथ महतो और हृदय नाथ महतो के मामलों में कुल मिलाकर 30990 वर्गफीट का अंतर सामने आया। वार्ड 4 में मो. कलीम और मो. शकील के यहां तो 2406 की जगह 15598 वर्गफीट पाया गया, जो काफी बड़ा अंतर है।
कुल आंकड़ा चौंकाने वाला
अब तक की जांच में आवेदकों ने कुल 1,51,293.72 वर्गफीट एरिया दिखाया था। लेकिन मापी के बाद 3,22,611 वर्गफीट निकला। यानी बड़े पैमाने पर कम एरिया दिखाकर टैक्स दिया जा रहा था।
एजेंसी को ऑनलाइन एंट्री का निर्देश
निगम ने टैक्स वसूली का काम कर रही एजेंसी M/S SPS को निर्देश दिया है कि सभी मामलों की ऑनलाइन एंट्री की जाए और बकाया वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाए।
100 प्रतिशत जुर्माने की चेतावनी
निगम ने साफ कर दिया है कि अगर किसी ने अपने होल्डिंग में बदलाव किया है और सही जानकारी नहीं दी है, तो झारखंड नगर पालिका अधिनियम 2011 और संशोधित नियमावली 2013 के तहत 100 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अपने प्लॉट या बिल्डिंग के एरिया, उपयोग का प्रकार, सड़क की चौड़ाई और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करा लें।
ऐसे करें धृतिकर का भुगतान
नागरिक अपना होल्डिंग टैक्स ऑनलाइन https://municipalservices.jharkhand.gov.in/ पर जमा कर सकते हैं।
इसके अलावा डोरंडा अंचल निगम कार्यालय के जन सुविधा केंद्र और RMC Payment Mitra (8986627070) के जरिए भी भुगतान किया जा सकता है।
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