Ranchi : झारखंड विधानसभा में हेमलाल मुर्मू ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से अपनी ही सरकार से कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि यदि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, तो राज्य में अपराध की घटनाएं कैसे बढ़ रही हैं।
जेल से फरारी, नशीले पदार्थ और साइबर अपराध
हेमलाल मुर्मू ने जेल से फरारी, नशीले पदार्थों की खेती और साइबर अपराध के बढ़ते मामलों का मुद्दा उठाया। विशेष रूप से संथाल परगना में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने पूछा कि क्या वहां शिक्षित पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की जा रही है और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने सरकार से विस्तृत आंकड़े उपलब्ध कराने की मांग की।
सरकार का जवाब और विरोध
सरकार की ओर से मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने जवाब देते हुए कहा कि साइबर अपराध के 95 प्रतिशत मामलों में रिकवरी की गई है और अपराधियों की पहचान भी हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। हालांकि, भाजपा विधायक नीरा यादव ने मंत्री के दावों का खंडन करते हुए प्रस्तुत आंकड़ों को गलत बताया।
आंकड़े बताते हैं असली तस्वीर
हेमलाल का सवाल: न्याय क्यों असफल?
हेमलाल मुर्मू ने साफ किया कि आंकड़े यह दिखाते हैं कि जांच और गिरफ्तारी तो हो रही है, लेकिन न्याय व्यवस्था में साक्ष्य और कार्रवाई का असर क्यों नहीं दिख रहा। उनका कहना था कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है, अन्यथा अपराध बढ़ता रहेगा।
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