रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने बाल कल्याण विभाग के अंतर्गत लेडी सुपरवाइजर की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामले में सुनवाई पूरी कर ली है और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह मामला झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा जारी उस नोटिस को लेकर है, जिसमें अभ्यर्थियों के लिए संबंधित विषय में तीन वर्षों की पढ़ाई की अनिवार्यता की शर्त रखी गई थी।
याचिका का विवरण
अंजु कुमारी एवं अन्य द्वारा दायर इस याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में सुनवाई हुई। प्रार्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, चंचल जैन और अमृतांश वत्स ने अदालत में पक्ष रखा। याचिका में जेएसएससी के उस नोटिस को चुनौती दी गई थी, जिसमें अभ्यर्थियों से यह शर्त रखी गई थी कि उन्होंने जिस विषय में नियुक्ति होनी है, उस संबंधित विषय में तीन वर्षों की पढ़ाई की हो।
क्या है पूरा मामला
बाल कल्याण विभाग में 444 लेडी सुपरवाइजर के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जेएसएससी ने इसके लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसके बाद परीक्षा संपन्न हो चुकी है और परिणाम भी जारी किए जा चुके हैं। अभ्यर्थियों द्वारा नोटिस को चुनौती देने के बाद अब हाईकोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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