जोहार लाइव ब्यूरो
हजारीबाग जिले के बड़कागांव में सड़क दुर्घटनाओं और जानमाल के नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन पर सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक रोक लगा दी है. वहीं, चतरा जिले में भारी वाहनों के परिचालन और सड़क दुर्घटनाओं को लेकर ऐसी ही मांग उठाने वाले लोगों को अब भी प्रशासनिक पहल का इंतजार है. दोनों जिलों की स्थिति ने सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
हजारीबाग के अनुमंडल पदाधिकारी(CO), सदर ने 26 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी करते हुए बड़कागांव थाना क्षेत्र के तीन स्थानों पर भारी मालवाहक वाहनों के परिचालन पर दिन के समय रोक लगाने का निर्देश दिया है. आदेश के मुताबिक, सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक इन वाहनों की नो-एंट्री रहेगी.
प्रशासन ने यह निर्णय अंचल अधिकारी, बड़कागांव के पत्र और थाना प्रभारी व अंचल अधिकारी के संयुक्त प्रस्ताव के आधार पर लिया है. आदेश में कहा गया है कि भारी वाहनों के परिचालन के दौरान दुर्घटनाओं में लोगों की मौत की घटनाओं और जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.
इन स्थानों पर लागू रहेगी नो-एंट्री:
- बड़कागांव के 14 माइल के पास.
- राजाबागी के पास.
- लमकी टांड़ के पास.
अनुमंडल पदाधिकारी ने बड़कागांव थाना प्रभारी को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. वहीं, हजारीबाग के एसपी से पाबंदित समय में भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस बल की तैनाती का अनुरोध किया गया है. आदेश तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक लागू रहेगा.
चतरा में कब होगी ऐसी पहल?
बड़कागांव में प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद चतरा जिले में भी सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बावजूद भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने की मांग पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
स्थानीय स्तर पर मांग उठाने वाले लोगों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल किए जा रहे हैं. कुछ लोगों की ओर से दिए गए अल्टीमेटम और प्रशासन से की गई अपील के बावजूद अपेक्षित पहल नहीं होने की बात कही जा रही है. हालांकि, चतरा में संबंधित मांग, प्रशासन को दिए गए ज्ञापन, अल्टीमेटम और अधिकारियों के जवाब से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है.
सड़क सुरक्षा पर दो जिलों में अलग-अलग तस्वीर
हजारीबाग के बड़कागांव में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन के लिए समय निर्धारित कर दिया है. दूसरी ओर, चतरा में ऐसी कार्रवाई की मांग करने वालों के बीच प्रशासनिक पहल को लेकर असंतोष बताया जा रहा है.
अब सवाल यह है कि क्या चतरा जिला प्रशासन भी सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए भारी वाहनों के परिचालन की समय-सीमा तय करेगा, या लोगों को अपनी मांग पूरी होने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा.
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