Gumla : इस वर्ष 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाला गणतंत्र दिवस समारोह गुमला जिले के लिए खास और गर्व का अवसर लेकर आ रहा है। भारत की राजधानी के लाल किला मैदान में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस परेड में झारखंड की प्रसिद्ध लोक नृत्य शैली कड़सा की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इस झांकी का नेतृत्व गुमला जिले के भरनो निवासी प्रसिद्ध लोक गायिका और शिक्षिका सुषमा नाग करेंगी। उनके नेतृत्व में 30 कलाकारों का दल 7 जनवरी को भरनो से दिल्ली के लिए रवाना होगा। इस दल में भरनो, सिसई, बसिया, चैनपुर सहित जिले के कई प्रखंडों के महिला और पुरुष कलाकार शामिल होंगे।
सुषमा नाग इससे पहले भी अपनी कला के जरिए गुमला जिले को कई बार गौरवान्वित कर चुकी हैं, लेकिन यह उपलब्धि अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है। भारत सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्रालय के आमंत्रण पर वह कड़शा नृत्य के माध्यम से झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी। कलाकारों द्वारा 26 जनवरी 2026 को लाल किले में होने वाली प्रस्तुति को लेकर जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। सुषमा नाग ने बताया कि कड़सा झारखंड की लोक संस्कृति की एक अनोखी नृत्य शैली है, जो राज्य की सभ्यता, परंपरा और समृद्ध जीवनशैली को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय मंच पर इस नृत्य की प्रस्तुति से झारखंडी संस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान मिलेगी।
कड़सा नृत्य में कलश का विशेष महत्व होता है, जिसमें धान की नई बालियां रखी जाती हैं। यह नृत्य उरांव जनजाति से जुड़ा है और अतिथियों के स्वागत के अवसर पर किया जाता है। पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं यह नृत्य करती हैं, जो एकता, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सुषमा नाग ने मीडिया को बताया कि वर्ष 2021 में रायपुर में आयोजित जनजातीय लोक नृत्य प्रतियोगिता में उनकी टीम ने कड़शा नृत्य की प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान हासिल किया था।
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