कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय से चल रहा अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया है. पार्टी का कहना है कि सरकार ने उसकी तीनों बड़ी मांगें मान ली हैं. शनिवार को सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया.
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने पार्टी की सभी मांगें मान ली हैं. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपील की कि अब वे आंदोलन खत्म कर शांति से अपने घर लौट जाएं.
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पार्टी ने सरकार पर भरोसा करते हुए आंदोलन वापस लिया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार के साथ जिन बातों पर सहमति बनी है, उन्हें तय समय के अंदर पूरा किया जाएगा.
NEET प्रभावित परिवारों के मुआवजे की मांग पर भी बनी सहमति
आशुतोष रांका ने बताया कि CJP ने NEET से प्रभावित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग सरकार के सामने रखी थी. उनके मुताबिक, सरकार ने नियम और कानून के तहत प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने पर सहमति जताई है.
इसके अलावा, पार्टी ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को पांच सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपा है. इन मांगों पर आगे बातचीत के लिए करीब चार हफ्ते बाद सरकार के साथ फिर बैठक होगी.
पार्टी का कहना है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों को लेकर सरकार के साथ बातचीत आगे भी जारी रहेगी. फिलहाल, सरकार की ओर से मांगें मान लिए जाने के बाद CJP ने आंदोलन खत्म कर दिया है और प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर से हटकर शांतिपूर्वक घर लौटने की अपील की है.
अभिजीत दिपके ने संदेश देते हुए कहा कि मैं एक बहुत जरूरी बात कहना चाहता हूं. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की वजह से मुझे हीरो मत बनाइए. यह गलती मत कीजिए. एक व्यक्ति को हीरो बनाने की प्रवृत्ति ने देश को नुकसान पहुंचाया है.
उन्होंने कहा कि किसी भी बदलाव का श्रेय किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों को जाना चाहिए. उन्होंने लोगों से व्यक्तिपूजा से बचने और लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा जनभागीदारी को मजबूत करने पर जोर देने की अपील की.
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